12 वीं क्लास के बच्ची ने की आत्महत्या, बच्ची ने छोड़ा सुसाइड नोट

anuja priyadarshi
Janmanchnews.com
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Sarfaraz Alam
मोहम्मद सरफ़राज़ आलम

सहरसा। शहर में लगातार दूसरे दिन 12 वीं के बच्चों ने की आत्महत्या, शहर में मचा सन्नाटा। सदर थाना क्षेत्र के गांधी पथ स्थित अशोक सिनेमा रोड निवासी वासुदेव चौधरी की छोटी पुत्री एवं नवोदय विद्यालय में 12 वीं कक्षा में पढ़ रही छात्रा अनुजा प्रियदशिर्नी की शुक्रवार की सुबह अपने धर में पंखे से दुपट्टे के सहारे लटकती लाश मिली।

वे अपने चार भाई और तीन बहनों में सबसे छोटी थी। सुबह अनुजा के लटकती लाश पर पहली नजर उसकी मां की पड़ी। जिसके बाद घर में अफरा-तफरी मच गई। धटना की जानकारी मोहल्ले के लोगों समेत पुलिस को मिली। जिससे मोहल्ले में सन्नाटा छा गया। वहीं शहर मेंं लगातार दो दिन से 12वीं  के बच्चों द्वारा आत्महत्या से सन्नाटा पसर गया।

सभी परिजन अपने बच्चों के प्रति सजग हो गए। अनुजा की लटकती लाश की सूचना सदर थाना अध्यक्ष को दी गई। जिसके बाद सदर थाना अध्यझ आर के सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पंखे से लाश को उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दरअसल, अनुजा ने अपनी मौत से पूर्व सुसाइड नोट भी छोड़ रखा था।

जिसके कारण यू डी केस दर्ज कर शव को पोर्स्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे खराब स्थिति माता-पिता की हैं। वे अपने उभरते हुए बच्चे की मौत से काफी दुखी थे। अनुजा नवोदय विद्यालय में वाणिज्य विषय से 12 वींं की परीझा साल 2019 में देती। लेकिन पिछले दो साल से उसे परिवार के ही एक रिश्तेदार लड़के से प्यार हो गया था।

हालांकि परिजनों को उसकी जानकारी नहीं थी। लेकिन परिवार के कुछ सदस्योंं को इसकी भनक लग गई थी। जिसके बाद बीते दो अगस्त को उक्त लड़के उससे मिलने नवोदय विद्यालय पहुंचे थे। जहां उसने अपनी मैडम से छुटटी की मांग कर विद्यालय से बाहर निकलने की इजाजत मांगी थी। लेकिन उसके मैडम ने इसकी सूचना उसके परिजनों को दे दी थी।

जिसके बाद उसके विद्यालय के होस्टल से भागने का गलतफहमी उसके परिजनों ने लगा लिया था। जिसके बाद उसे दो अगस्त को ही होस्टल से निकाल कर घर ले आया गया था । साथ ही घर पर रख कर उसकी पढ़ाई शुरू करवा दिया गया था। जिससे वे काफी दुखी थी। डिप्रेशन में आने के बाद उसने गुरूवार की देर रात फांंसी लगा कर आत्महत्या कर लिया था। 

अनुजा ने अपने हाथ से चार पन्नों की लिखी सुसाइड नोट में अपने परिजनों से क्षमा याचना मांगते हुए अंतिम गलती बताते हुए आत्महत्या करने की बातें बताई है। हांलाकि छात्रा के सुसाइड नोट में आगे पढ़ने की इच्छा भी दर्शाई गई है। चुकी उसकी एक गलती से उनके परिजनों ने नवोदय विद्यालय से उसे घर लाकर रख लिया था । जहां उसे घर से ही कोचिंग क्लास करवाया जा रहा था।

ऐसे में अनुजा द्वारा सुसाइड नोट में खुद के 12 वीं इंटर की परीक्षा नहीं देने की मलाल जरुर व्यक्त की गई है । साथ ही उसने अपनी उस गलती की भी चर्चा सुसाईड नोट में किया है। उसने लिखा है कि नवोदय विद्यालय से उसे छुटटी लेने पहुंंचे लड़के उनके परिवार के ही थे। जिसे उसने अपनी मैडम को भाई बताया था।

लेकिन उनकी मैडम ने परिजन को सूचना दे दिया। जिससे उसके परिजन उसके होस्टल से भागने की बात समझें। परिणामस्वरूप उसके परिजन उसे होस्टल से निकाल कर धर ले आए । जिससे उसकी पढ़ाई बाधित हो गई ।

अनुजा के पिता वासुदेव चौधरी अपने चार बेटे और तीन बेटी के पालन-पोषण में कभी कोई कमी नहीं किया था । वे अपने बच्चों को पढ़ाई-लिखाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी थी। इसी के कारण उनके दो बेटे जहां सरकारी सेवा में कार्यरत हैं । वही दो बेटे अभी सरकारी सेवा में जाने के लिए तैयारी कर रहे हैं। दो बेटी की भी शादी हो चुकी है।

उनकी शादी भी अच्छे घरों में किया गया है। अनुजा उनकी सबसे छोटी और प्यारी बेटी थी। अनुजा बचपन से ही काफी इंटेलिजेंट थी। उसने नवोदय की एंट्रेंस एग्जाम वर्ष 2013 में पास की थी। वर्ष 2013 से उसने लगातार नवोदय में पढ़ाई किया था। हालांकि मैट्रिक एग्जाम में उसे 8.5 सीजीपी मार्क्स मिला था। लेकिन इस कमी को दूर करने के लिए वह लगातार प्रयासरत थी।

अनुजा को अपने ही परिवार के रिश्ते के एक लड़के से प्यार हो गया था। चुंकि लड़का रिश्तेदार था। इसीलिए उसका आना-जाना लगातार उसके घर में था। जिससे उसकी नजदीकियां काफी बढ़ गई थी। ऐसे में प्यार के रिश्ते से दोनों अलग नहीं होना चाहते थे। हालांकि इसकी भनक परिवार वालों को भी मिल गई थी। जिसके कारण दोनों के बीच दूरी बढ़ गई थी। लेकिन इस दूरी को दोनों मानने को तैयार नहीं थे। 

बीते दो अगस्त को अनुजा का प्रेमी उसे नवोदय विद्यालय से छुट्टी लेकर घुमाने के लिए प्रोग्राम बनाया था। जिसके बाद उक्त युवक नवोदय विद्यालय पहुंचकर अनुजा की छुट्टी का आवेदन विद्यालय के प्रधानाध्यापक को दिया था। लेकिन विजिटर रजिस्टर में उक्त लड़के का अनुजा से कोई रिश्ता बताता हुआ संकेत नहीं था।

जिसके बाद नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपल ने अनुजा के माता-पिता से संपर्क साधा। जिसके बाद बात खुलकर सामने आई और अनुजा के परिजन विद्यालय पहुंचे। हालाकि तब तक वह लड़का विद्यालय छोड़कर निकल चुका था। जिसके बाद विद्यालय से अनुजा की छुट्टी करा कर गांधी पथ स्थित घर लाया गया था ।

साथ ही घर में ही रहकर उसे कॉमर्स के विभिन्न विषयों की ट्यूशन लगा दी गई थी। जिससे अनुजा काफी तनाव में चल रही थी ।  चुंकि उनके बीच के प्रेम संबंध की जानकारी सारे परिजनों को पता चल गया था । साथ ही विद्यालय से उनके परिजन उन्हें घर ले आए थे । ऐसे में तनाव में रह रही अनुजा ने आत्महत्या करने का फैसला किया और उसने आत्महत्या कर ली। 

गुरुवार की देर रात अनुजा अपने भाभी के साथ खाना बनाने में हाथ बंटाती रही। रोटियां अनुजा ने ही बनाई थी। जिसके बाद सभी परिजनों को पड़ोस कर खना भी उसने ही खिलाई थी। भैया-भाभी, मम्मी-पापा सहित सभी परिजनों को वे आदर करके खाना खिलाती रही।

जिसके बाद अन्य दिनों के भांति वे अपनी मां के बगल में बरामदे पर ही सो गई। जिसके बाद मां के सोने के बाद देर रात को उठकर अपने कमरे गई। जिसके बाद उसने कमरे का गेट बंद कर अपने ही दुपट्टे से गले में फंदा लगाकर अपने ही कमरे में पंखे से झूल गई।

वहीं सदर थाना अध्यक्ष आर के सिंह ने बताया कि छात्रा ने आत्महत्या की है। सुसाइड नोट में उसने आत्महत्या करने की बातें स्वीकार की है । उसकी लिखी सुसाईड नोट में उसने किसी को उसने दोषी नहीं करार दिया है । इसलिए यूडी केस दर्ज कर छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है । पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सुपुर्द कर दिया जाएगा।

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