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बंगाल में तृणमूल कार्यकर्ताओं का भय, 170 भाजपाइयों ने ली झारखंड में शरण

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साहिबगंज। पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के परिणाम के बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा मचाए जा रहे उत्पात से भयभीत मालदा जिले के 170 भाजपाई शरण लेने के लिए साहिबगंज (झारखंड) पहुंचे हैं। यहां भाजपा कार्यकर्ताओं की देखरेख में इन लोगों को शहर के अमख पंचायत भवन में रखा गया है।

मालदा जिला अंतर्गत गाजल, बावनगोला, हवीपुर, मानिकचक इत्यादि इलाकों से लगभग 170 भाजपा कार्यकर्ता रविवार की सुबह से लेकर देर शाम तक साहिबगंज पहुंचे। इनमें 75 महिलाएं शामिल हैं। दल में महिलाओं को लीड कर रही श्यामली दास ने बताया कि भाजपा प्रत्याशी के रूप में उनलोगों को पंचायत चुनाव में बतौर ग्राम पंचायत सदस्य जीत मिली है। अब ग्राम पंचायत प्रधान के चुनाव के लिए उन लोगों से तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता जबरन समर्थन मांग रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले की कुल 24 सीटों में भाजपा समर्थित 14 सदस्यों को जीत मिली है, जबकि तृणमूल कांग्रेस को केवल आठ सीटों पर जीत मिली है।

ऐसे में भाजपा समर्थित उम्मीदवार का ग्राम पंचायत का प्रधान चुना जाना तय है। इसके लिए तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उत्पात मचा रखा है। समर्थन नहीं देने पर कभी जान से मारने की तो कभी अपहरण की धमकी दी जा रही है। शिकायत के बाद भी पुलिस तृणमूल कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इससे उन लोगों पर जान का खतरा मंडराने लगा है। यही आरोप यहां पहुंचे अन्य लोगों ने भी लगाया।

भाजपा जिला महामंत्री सह नगर परिषद अध्यक्ष श्रीनिवास यादव ने कहा कि तृणमूल कार्यकर्ताओं के उत्पात के भय से मालदा से यहां भागकर पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं का ख्याल रखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल में विधि व्यवस्था की स्थिति अच्छी नहीं है। वहां जल्द से जल्द राष्ट्रपति शासन लागू होना चाहिए।