देवास जिले में 7 हिरणों की मौत से सनसनी, प्रथम दृष्टया हिरणों की मृत्यु का कारण हीट स्ट्रोक

deer death
Janmanchnews.com
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Anil Upadhyay
अनिल उपाध्याय

देवास। खातेगांव अंचल में 7 हिरणों की मौत की खबर से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। वन विभाग के अमले ने इन्हें अपने कब्जे में लेकर सन्नोद स्थित नर्सरी पहुंचाया पोस्टमार्टम के अनुसार प्रथम दृष्टया हिरणों की मृत्यु का कारण हीट स्ट्रोक होना बताया जा रहा है।

सन्नोद नर्सरी में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे पूर्व के वर्षों में भी विभिन्न कारणों से अनेक हिरणों की मौत हो चुकी है ग्राम सोम गांव खेड़ी घाट चंदवारा सन्नोद आदि हिरण बाहुल्य क्षेत्र माना जाता है यहां भारी संख्या में हिरणों का झुंड पाए जाते हैं जो गर्मी के दिनों में जंगलों से निकलकर गांव के आसपास खेतों की ओर चले जाते हैं क्षेत्र में अधिकतम तापमान पिछले कुछ दिनों से 45 डिग्री से अधिक आंका जा रहा है लू के थपेड़े चल रहे हैं।

सन्नोद नर्सरी में अंतिम संस्कार…

बुधवार सुबह जिला वन प्राणी अभिरक्षक जगदीश बिश्नोई ने वन विभाग को सूचना दी कि पाडादेह भटासा मार्ग के आसपास कुछ हिरण क्षेत्र में मृत पड़े हैं सुबह ही सूचना मिलते ही वन विभाग के एसडीओ एस एन यादव वन विभाग के कर्मचारियों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे जहां उन्होंने वन प्राणी अभिरक्षक विश्नोई एवं ग्रामीणों की मदद से इधर-उधर मृत्य पड़े हिरणों को इकट्ठा करा कर वन विभाग के वाहन में लेकर नर्सरी पहुंचे पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर महेश सूर्यवंशी ने बताया कि अमृत हीरोइनों की कुल संख्या 7 है जिसमें 3 नर और4 मादा है।  इसमें 1 वर्ष का मादा भी शामिल है पोस्टमार्टम के बाद सन्नोद नर्सरी में इनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

जंगल में नहीं है पानी की व्यवस्था…

क्षेत्र के नदी नालों के सुख जाने एवं वन क्षेत्र खातेगांव में इन दिनों वन्य प्राणियों के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं होने से प्यास बुझाने कहीं कोई पानी का साधन मिल जाए इस आस मे जंगल से भटकते वन प्राणी जंगल से गांव और शहर का रुख करने लगते हैं  उन्हें पानी तो नहीं मिलता है लेकिन मौत जरूर मिल जाती बनता है।

विश्नोई समाज जीव रक्षा के लिए हमेशा तत्पर है…

पाडादेह-भटासा मार्ग के पास खेतो में हिरणों के मृत्य होने की की सूचना पर पुलिस व ग्रामीणों की मदद से अलग पड़े हिरणों को इकठा कर वन विभाग को सौप कर नर्सरी पहुँचाया। – “जगदीश विश्नोई- जिला वन प्राणी अभिरक्षक”

वन विभाग की सूचना पर 7 हिरणों का पोस्टमार्टम नर्सरी में किया प्रथम दृष्टिया मृत्यु का कारण हीट स्ट्रोक व पानी की कमी हैं, फिर भी बिसरा जॉंच के लिए पशुचिकित्सक लेबोरेटरी में भेजा जा रहा है। – “डॉ महेश सुर्यबंशी -पशुचिकित्सक खातेगांव”

कन्नौद सब डिवीजन एवं खातेगांव सब डिवीजन की 4 वन रेंजो के कुल 155 कर्मचारी हड़ताल पर है। उसके बावजूद भी वन प्राणी की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। समय-समय पर हीरोइन बाहुल्य क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया जाता है। बीते दो-तीन दिनों से क्षेत्र में भीषण गर्मी का प्रकोप है। प्रथम दृष्टिया हिरणों की मौत का कारण हिट स्ट्रोक ही माना जा रहा है। – “एस एल यादव -एसडीओ फारेस्ट”

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