रेव पार्टी प्रकरण में भेलूपूर इंस्पेक्टर से छिना थाना, भेजे गये क्राइम ब्रांच

भेलूपुर
File Photo: Bhelupur Police Station Varanasi
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दालमंडी के व्यापारियों को मीडिया के खिलाफ उकसाने पर लाइन हाजिर हुये इंस्पेक्टर को मिला मड़ुवाडीह थाना…

Tabish Ahmed
ताबिश अहमद

 

 

 

 

 

वाराणसी: भेलूपुर थाना क्षेत्र के दुर्गाकुंड में आयोजित रेव पार्टी में 30 लोगों को गिरफ्तार कर मीडिया एवं अधिकारियों की तारीफ बटोरने वाले जिले के तेज तर्रार भेलूपुर थानाध्यक्ष को विभाग ने हटा दिया है। एसएसपी आर के भारद्वाज ने उनका तबादला क्राइम ब्रांच में कर दिया है। रेव पार्टी मामले में नियम-कानूनों को धता बताने और अस्सी घाट पर डीएम के बुलाने के बावजूद डेढ़ घंटे बाद पहुंचने वाले इंस्पेक्टर भेलूपुर अशेषनाथ सिंह पर बड़ी कार्रवाई उनके रिकार्ड को देखते हुये नही की गई, उन्हें क्राइम ब्रांच भेज दिया गया है।

इंस्पेक्टर अनुपम श्रीवास्तव को भेलूपुर थाने में तैनात किया गया है। दुर्गाकुंड स्थित बत्रा बैंक्वेट हाल में 10 जनवरी को आयोजित रेव पार्टी मामले में आईजी रेंज की जांच में इंस्पेक्टर भेलूपुर अशेषनाथ दोषी पाए गए थे। बैंक्वेट हाल से शराब के नशे में धुत युवक, युवतियां गिरफ्तार किए गए थे। एक ही अपराध के तीन आरोपियों को जमानत देकर बाकी 30 को इंस्पेक्टर भेलूपुर ने जेल भेज दिया।

सूत्रों के हवाले से यह भी खबर आई थी कि शहर के एक बहुत बडे न्यूरो सर्जन को भी मौके से ही छोड़ दिया गया था। यह डाक्टर कभी बीएचयू में थे। तब उनके लिए रात्रि 2:00 बजे से लाइन लगती थी। उनके लिए प्राक्टियल बोर्ड बीएचयू अलग से प्रोटोकॉल लगाता था। जिस दिन उस डॉक्टर की ओपीडी रहती थी उस दिन लंका क्षेत्र जाम से ग्रसित रहता था। कई राज्यों के मरीजों के लिए वह भगवान से कम नहीं थे लेकिन अश्लील डांस देखते हुए वाराणसी पुलिस ने जब उनको देखा तो, वह वाराणसी पुलिस के लिए ये वक़्त किसी सदमें से कम नहीं था। उस डॉक्टर की इज्जत बचाने के चक्कर में इंस्पेक्टर सिंह को थानें के प्रभारी पद की अाहुति देनी पड़ गयी।

सूत्रों के हवाले से खबर मिली थी कि रेव पार्टी में शरीक लोगों के मेडिकल मुआयने में घंटों की देरी की गई और सार्वजनिक स्थान पर मद्यपान के आरोप में कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा बत्रा बैंक्वेट हॉल के मैनेजर और मालिकान को भी चार्ज नही किया गया था।

यही नहीं, बीते दिनों अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने अस्सी घाट पर कुछ लोगों को गांजा पीते देखा तो इंस्पेक्टर भेलूपुर को मौके पर तलब किया। इंस्पेक्टर लगभग डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंचे थे। रेव पार्टी मामले में भी आईजी की जांच में इंस्पेक्टर को दोषी पाया गया था। इंस्पेक्टर पर तभी से कार्रवाई तय मानी जा रही थी। उन्हे नोटिस जारी कर जवाब तलब करने के बाद क्राइम ब्रांच से संबद्ध कर दिया गया है।

वही दालमंडी में अवैध निर्माण के मामले में मीडिया के खिलाफ बयानबाजी कर सुर्खियों में आए चौक इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह को मंडुवाडीह थाने के थानाध्यक्ष के तौर पर तैनाती कर दी गई है। अशोक कुमार सिंह के स्थान पर इंस्पेक्टर राहुल शुक्ला को चौक थाने में तैनात किया गया है।

एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि चौक थानाध्यक्ष रहे इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह के दालमंडी अवैध निर्माण को लेकर वायरल वीडियो की जांच कराई गई थी। सीओ कोतवाली की जांच में सामने आया कि अचानक सामने आई आक्रोशित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इंस्पेक्टर ने जो सही प्रतीत हुआ वो किया। साथ ही, उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा था कि उनका उद्देश्य मीडिया के खिलाफ किसी को उकसाना नहीं था। जांच रिपोर्ट में अशोक सिंह दोषी नहीं पाए गए थे।

महकमे में चर्चा है कि जिनकी वजह से कप्तान की भी किरकिरी हुई, उनको आनन-फानन में दोबारा चार्ज देने की इतनी जल्दी क्या थी।

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