आकर्षणी धाम

5000 वर्षों से ऊंचे पहाड़ पर मकर संक्रांति के बाद लगता है भक्तों का तांता

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खरसवा माँ आकर्षणी धाम में हुई आख्यान यात्रा….

15 जनवरी से 15 फरवरी तक एक माह चलता है माँ आकर्षणी धाम में मेला….

Rohit Kumar Mishra

रोहित कुमार मिश्रा

सरायकेला। झारखण्ड प्रदेश के सरायकेला खरसावां अंतर्गत चिलकु ग्राम में उचे पहाड़ पर माँ आकर्षणी की आख्यान यात्रा 15 जनवरी से प्रारम्भ हो गई है। माँ आकर्षणी के धाम में यह पूजा पाठ का क्रम ओर मेला लगातार एक माह तक चलेगा।

खरसवा माँ

File Photo: खरसवा माँ

इस दौरान यहाँ देश भर से आये श्रद्धालु एकत्र होते हैं। माँ आकर्षणी की पूजा स्थानीय लोगों के द्वारा मुह जबानी बताये गए इतिहास के अनुसार गुजरे 5000 हज़ार सालों से भी अधिक समय से हो रही है। लोगो के अनुसार पहले यहाँ उचे पहाड़ की गुफा में अवस्थित स्वर्ण मंदिर में दुर्गा स्वरूप माँ आकर्षणी की पूजा हुआ करती थी। किन्तु बदलते काल खंड में मानवीय भूलो के कारण गुफा का द्वार बंद हो गया वर्तमान में माँ की पूजा गुफ़ा के द्वार पर ही होती है।

सदियों सरकारे कराती माँ की वार्षिक पूजा अंग्रेज़ो ने भी करवाई थो माँ आकर्षणी की पूजा…

राज राजवाड़े की समय अग्रेजों को जब यह ज्ञात हुआ कि गुफा के अंदर स्वर्ण मंदिर और माँ दुर्गास्वरूप मा दुर्गा की भव्य प्रतिमा है। तब उन्होंने इस स्थान को हथियाना चाहा। मगर उनकी मनसा फलीभूत नही हुई। नतीजा उन्हें मुह की खानीपड़ी…जब उनकी समझ में यह बात आई तो उन्होंने माँ आकर्षणी की पूजा पाठ के लिये स्थानीय राजा को अधिकृत कर दिया। तब से लेकर आज की वर्तमान झारखण्ड सरकार के स्तर से पूजा में महत्वपूर्ण योगदान दिया जाता है।