अलकनंदा क्रूज़

अलकनंदा क्रूज़ से करिए बनारस के घाटों की सैर, 15 अगस्त से अस्सी से पंचगंगा घाट तक का होगा संचालन

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स्टार्टअप इंडिया के तहत नार्डिक क्रूजलाइन, अस्सी घाट से पंचगंगा घाट के बीच डबल डेकर क्रूज ‘अलकनंदा’ का संचालन करेगी…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

 

वाराणसी: गंगा में पहली बार 15 अगस्त से क्रूज़ सेवा शुरु होने जा रही है। अलकनंदा नाम का यह क्रूज सैलानियों को प्रतिदिन काशी के प्राचीन घाटों का दर्शन कराएगा। गंगा किनारे खिड़किया घाट पर क्रूज ने लंगर डाल दिया है और इसका ट्रायल शुरू कर दिया गया है। पर्यटन विभाग सहित कई निजी कंपनियां भी क्रूज संचालन की तैयारी कर रही हैं।

स्टार्टअप इंडिया के तहत नार्डिक क्रूजलाइन, अस्सी घाट से पंचगंगा घाट के बीच डबल डेकर क्रूज का संचालन करेगी। जलस्तर बेहतर होने पर कैथी से चुनार के बीच इसे चलाया जा सकेगा। सबसे खास बात यह है कि पार्टी, बिजनेस मीटिंग, शादी-विवाह यहां तक कि रुद्राभिषेक जैसे आध्यात्मिक आयोजन भी इसमें कराए जाएंगे।

सुबह-ए-बनारस और शाम को गंगा आरती का शानदार नजारा इस क्रूज से लिया जा सकेगा। पर्यटकों की मांग पर दिन में भी इसको संचालित किया जा सकेगा। आईडब्ल्यूएआई क्रूज संचालन में सहयोग करेगा। वन विभाग से परिचालन की अनुमति मिल गई है। यह पहली क्रूज कंपनी है जिसने उत्तर प्रदेश में क्रूज संचालन के लिए पर्यटन विभाग में रजिस्ट्रेशन कराया है।

क्रूज़ का मुख्य आकर्षण
– गंगा पर चलने वाले डबल डेकर क्रूज का प्रथम तल पूरी तरह से वातानुकूलित होगा।
– द्वितीय तल पर रेस्टोरेंट के साथ ही फोटोग्राफी के लिए ओपेन एरिया बनाई गई है।
– टीवी की स्क्रीन पर काशी के इतिहास व घाटों की महत्ता का होगा लाइव प्रसारण।
– गाइड विभिन्न भाषाओं में देंगे सैलानियों को काशी के बारे में पूरी जानकारी देंगे।
– क्रूज के पिछले हिस्से में बनाया गया है रैंप, यहां हो सकेंगे धार्मिक आयोजन।
– पार्टी के दौरान 125 लोग तक हो सकेंगे शामिल, संगीत संध्या का होगा आयोजन।

क्रूज पर सफर के लिए एक व्यक्ति को 750 रुपये (जीएसटी छोड़कर) खर्च करने होंगे। इस पैकेज में उसे ऊपर-नीचे आने जाने की छूट के साथ बनारसी खान-पान का भी आनंद मिल सकेगा। हवाई जहाज की तरह सैलानियों को खाना-पीना मिलेगा।

नॉर्डिक क्रूजलाइन के निदेशक विकास मालवीय ने कहा कि काशी का यह पहला क्रूज है जो प्रतिदिन संचालित होगा। अस्सी पर जेट्टी बनाई जा रही है। फिलहाल अस्सी से पंचगंगा घाट तक संचालन किया जाएगा। लोगों की मांग पर इसका दायरा और बढ़ाया जा सकता है।