why say hello over phone

स्मार्ट फोन का फ़साना

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Mithiliesh Pathak

मिथिलेश पाठक

दिल की कलम से…. मोबाइल, स्मार्ट फ़ोन ने आज की जिंदगी में भूचाल ला दिया है। एक टच से ही देश दुनिया का हाल चाल से लेकर वीडियो बातचीत, मौसम का हाल, खेती किसानी के तरीक़े, आधुनिक युग का फैशन, पढ़ाई लिखाई, समेत लगभग हर चीज सम्भव हो गयी है। परन्तु यह फ़ोन ऐसे ही नहीं जादुई डिबिया बन गया।

एक दशक पूर्व इसका हाल दूसरा था, यह फोन तार से बंधा एक जगह रहता था परंतु अब यह आज़ाद हो गया है। उस समय फोन बंधा हुआ करता था जबकि लोग आज़ाद होते थे, आज फोन आज़ाद हो चुका है लेकिन लोग फोन से बंध चुके हैं। किसी भी स्थित में व्यक्ति फोन से दूर नही हो पाता है, मौका कोई भी हो फोन हमेशा साथ ही रहता है।

Smartphone

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जब से यह फोन लोगों के हाथों में आया तभी से लोगों की हाथ की घड़ियां, प्रतिष्ठानों से कैल्कुलेटर, घरों से टार्च और रेड़ियो, टेप रिकार्डर, वीसीआर, फ़िल्म कैसिटें, किताबें, उपन्यास आदि गायब हो गए। यही नहीं इस फोन ने वक़्त, पड़ोसी से गपशप, सकून, रिश्ते, याददाश्त, तन्दरूसती आदि भी गायब कर दिया है।

इंसान फोन से लगा हुआ है, जिसकी उंगलियां ही अब रिश्ते निभा रही है, जुबान से रिश्ते निभाने का अब वक्त ही नही रह गया है, हर समस्या के लिए सिर्फ उंगली चलती हैं। आज के जमाने में आदमी पागल और फोन स्मार्ट होने लगा है, जबकि पहले व्यक्ति स्मार्ट समझा जाता था।

इस फोन की तरंगें, स्कीन की रोशनी आदि हमारे जीवन के लिए बेहद नुकसान दाई हैं, यह सब जानते हुए भी हम इसके साथ बंधे हुए हैं। ताज़ा आंकड़ों की बात करें तो 28% प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं भी फोन के कारण होती हैं। अचानक फोन आ जाने पर वाहन चलाते हुया व्यक्ति चौंक जाता है, और फोन निकलने लगता है इसी वक्त दुर्घटना हो जाती है। बहुत लोगों को आपने भी देखा होगा घर से निकलते ही कानों में लीड लगा लेते हैं जिस पर मधुर आवाज गूंज रही होती है, और आस पास की आवाज़ को वह नज़रअंदाज़ कर आगे बढ़ने लगते हैं, यह भी कारण जानलेवा साबित होता है।

आज के वक़्त में हर व्यक्ति टच में बिजी है जबकि उसके टच में कोई नहीं है, पहले लोग एक दूसरे के दुख सुख में भागीदार होते थे, जिससे लोग टच में होते थे।