एक हफ्ता पहले ऑटो ड्राइवर से हुई दिन-दहाड़े लूट, लिखित तहरीर दिये जाने के बावजूद नही की आदमपुर पुलिस ने कोई कार्रवाई

ऑटो
Victim Auto Driver Sheru who was robbed under Adampur Police jurisdiction, a written complaint had been given by victim but even after a week no action has been taken by police...
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24 जून को शेरू नाम के ऑटो ड्राइवर से तीन मोटर साइकिल सवार युवकों ने आदमपुर थानाक्षेत्र के पंचायती कुंआ के पास मारपीट कर 6000₹ छीन लिया था…

Santosh Agrahari
संतोष अग्रहरी

 

 

 

 

 

 

वाराणसी: नवागत पुलिस कप्तान आनंद कुलकर्णी नें बुधवार को कार्यभार संभालने के बाद मीडिया से बातचीत में साफ़तौर पर बताया था कि उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि पीड़ित अपनी शिकायत लेकर यदि थाने आता है तो हर हाल में उसकी प्राथमिकी दर्ज की जाये। लेकिन क्या ऐसा वास्तव में हो रहा है? क्या गरीब पीड़ित के द्वारा लिखित तहरीर देने पर एफआईआर दर्ज की जा रही है? इसकी एक बानगी तब नजर आई जब कैंट से मुगलसराय ऑटो चलाने वाले अहरौरा, मिर्जापुर निवासी शेरू से आदमपुर थाना अन्तर्गत जीटी रोड, पंचायती कुंआ के पास तीन मोटर साइकिल सवार युवकों ने मारपीटकर उससे 6000₹ छीन लिया। यह घटना 24 जून 2018 शाम 6:00 की है।

पीड़ित ऑटो चालक नें दो अज्ञात व एक युवक के खिलाफ नामजद शिकायत 24 जून को तकरीबन 9 बजे आदमपुर थाने में दी थी। जिस युवक को आटो चालक नें नामजद किया था वह शमशेर खान पुत्र अकबर निवासी पुराना पुल, वाराणसी है जिसका मोबाइल नंबर तक पीड़ित नें तहरीर ‌में लिखा था।

ऑटो चालक नें हमें बताया कि वह पहले शमशेर की आटो चलाता था लेकिन बाद में उसने अपनी खुद की ऑटो खरीद ली और शमशेर की आटो चलाना छोड़ दिया जो शमशेर को नागवार गुजरा और उसने शेरू को धमकी दिया कि वह इस रूट पर आटो न चलाए। लेकिन शेरु कैंट-मुगलसराय अपनी आटो चलाता रहा, जिससे खुन्नस खाकर पहले शमशेर ने शेरू की आटो का शीशा तोड़ा और फिर से अपनी धमकी को दोहराया कि शेरू इस रूट पर आटो न चलाए। इसके बाद भी जब शेरू नहीं माना तो 24 जून को 6 बजे शमशेर ने शेरू को पंचायती कुंआ के पास पकड़ लिया और मारपीट कर उसकी जेब में रखा 6 हजार रुपए छीन लिया।

शेरू के पास मौजूद 6 हजार रुपए उसे अहरौरा के ही विक्की ने किसी काम के लिए दिया था। छिनैती के बाद शेरू ने फोन से विक्की को सूचना दी, जिसके बाद विक्की और आटो चालक शेरू तहरीर लेकर आदमपुर थाने गये। थाने में शिकायत पढ़ने के बाद कज्जाकपुरा चौकी पर तैनात नाईट आफिसर नें शमशेर को फोन करके थाने बुलाया और उससे शिकायत के संबंध में अपना पक्ष रखने को कहा। लेकिन आरोपी शमशेर थाने नही आया।

पीड़ित से कहा गया कि शमशेर खान को थाने बुलाकर उसका पक्ष भी सुना जायेगा, जब शमशेर को थाने बुलायेंगे तो तुम्हें भी फोन करके थाने बुला लेंगे।

आज घटना को घटित हुये एक हफ्ता बीत चुका है लेकिन आरोपी शमशेर थाने नही आया और न ही आदमपुर पुलिस ने पीड़ित को थाने बुलाया।

अब आप खुद ही फैसला कर लें कि कप्तान साहब के आदेश को उनके मातहत कितनी गंभीरता से लेते हैं। हालांकि हमें आदमपुर थाना प्रभारी राजीव सिंह की कार्यप्रणाली पर कतई शक नही है, जाहिर है यह मामला उनकी जानकारी में नहीं है। हमें पूरी उम्मीद है कि मामले को संज्ञान में लेते ही श्री सिंह आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए गरीब आटो चालक को‌ जरूर इंसाफ दिलायेंगे।

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