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रामनगर से लंका एवं पड़ाव मार्ग पर ऑटो चालक वसूल रहे हैं मनमाना किराया, प्रशासन मौन

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क्या यह ऑटो यूनियन की हनक है या वर्दीवाले लेते है अपना हिस्सा…

–अंकुर मिश्रा

वाराणसी(रामनगर): लंका तथा रामनगर से पड़ाव आने-जाने वाले यात्रियों की जान सांसत मे पड़ गई हैं।

ऑटो वाले मनमानी किराया बढ़ाकर गरीब यात्रियो का दोहन कर रहे है।वहीं दूसरी ओर संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों भी चुप्पी साधे है। यह बात लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। संभागीय परिवहन विभाग दावा करता है कि जिले की सभी यात्री वाहनों सहित ऑटो रिक्शाओ में किराया सूची चस्पा कर दी गई है, लेकिन विभाग के इस दावे के अनुरूप क्षेत्रो मे किराया सूची चस्पा नहीं की गई है। समझ में नहीं आ रहा है कि इसे संभागीय परिवहन विभाग द्वारा आम जनमानस के प्रति घोर लापरवाही समझा जाए या आटो चालकों को संरक्षण।

बता दे कि कुछ माह पूर्व भी रामनगर से लंका तक चलने वाले ऑटो चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूला जाता था। नागरिकों के विरोध की बदौलत किराया 15 रूपये से घटाकर 10 रूपये करना पड़ा। पुलिस महकमे मे फेरबदल होते ही आटो चालक फिर से दबंगयी पर उतर आये। जिससे नागरिकों मे भारी रोष है।

नाबालिग के हाथ मे स्टेयरिंग, क्या बड़े हादसे का हो रहा है इंतज़ार?

रामनगर चौक से लंका तक चलने वाले वाहन की बात हो अथवा रामनगर से पड़ाव तक चलने वाले किसी भी प्रकार के वाहनों की बात क्यों ना हो। लगभग सभी ऑटो चालको के पास न ड्राइविंग् लाइसेन्स है और न ही गाड़ी के सही कागजात।

नाबालिक के हाथो मे स्टेयरिंग होने से आये दिन दुर्घटनाये होती रहती है। मनमाने ढंग से ओवर लोडिंग सवारी लाद कर तेज गति से चलने वाले वाहनो पर रामनगर पुलिस की विशेष कृपा दृष्टि रहती है। सड़कों पर दौड़ने वाले सभी ऑटो बिना परमिट और बिना कागजात के ही फर्राटा भरते हैं। पुलिस वालों के सामने ही ऑटो चालक यात्रियों से दुर्व्यवहार करते हैं, लड़ते हैं लेकिन सब कुछ देखते हुए भी पुलिस ऐसा व्यवहार करती है जैसे उसे कुछ नहीं मालूम। मजे की बात यह है कि क्षेत्रीय पुलिस के साथ साथ संभागीय परिवहन विभाग की चुप्पी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।