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अयोध्या मामले में सुनवाई टली, संत समाज नें दी कड़ी प्रतिक्रिया

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अयोध्या के संत कोर्ट की सुनवाई टलने पर 31 जनवरी और 2 फरवरी को अगली रणनीति तय करेगें, जबकि बाबरी मस्जिद के मुद्दई इकबाल अंसारी ने कहा है कि कोर्ट जब भी फैसला देगा, वह उसे मानेंगे…

यूपी ब्यूरो-

अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई एक बार फिर टल गई है। जस्टिस यूयू ललित के बेंच से अलग हो जाने के बाद केस की सुनवाई को 29 जनवरी तक के लिए टाल दिया गया है। इस पर अयोध्या के संत समाज ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

राम मंदिर न्यास के संत राम विलास वेदांती ने कहा कि वह इस मामले में जल्द से जल्द फैसला चाहते हैं। वहीं, बाबरी मस्जिद के मुद्दई इकबाल अंसारी ने कहा कि वह केस का जल्द फैसला चाहते हैं, लेकिन कोर्ट की प्रक्रिया में दखलंदाजी नहीं करना चाहते।

इकबाल अंसारी ने विवादित ढांचे पर सुनवाई की तारीख टलने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोर्ट जब भी फैसला देगा, हम उसे मानेंगे। उन्होंने कहा कि जल्द फैसले के लिए वह कोर्ट के काम में दखलंदाजी नहीं करना चाहते।

वहीं संतों ने राम मंदिर पर तारीख पर तारीख मिलने पर सख्त नाराजगी जताई है। अयोध्या के संतों ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सुनवाई टालने की कोर्ट की इस शैली को लेकर अब संत 31 जनवरी और 2 फरवरी को फैसला करेंगे।

जस्टिस ललित के पीठ से अलग होने के बाद टली सुनवाई-

सुनवाई के शुरू होते ही मस्जिद के पैरोकार वकील राजीव धवन ने जस्टिस यूयू ललित के बेंच में होने पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह एक समय में अयोध्या से जुड़े मामले में वकील के तौर पर पेश हो चुके हैं।

राजीव धवन के ऐसा कहने पर जस्टिस ललित ने खुद केस की सुनवाई से हटने की इच्छा जताई। इसके बाद सीजेआई ने बताया कि जस्टिस ललित अब इस बेंच में नहीं रहेंगे, इसलिए नई बेंच के गठित होने तक सुनवाई को स्थगित करना पड़ेगा।