जीआरपी का अमानवीय चेहरे आया सामने, पहचान के लिए दो दिनों से रखा है प्लेटफार्म पर शव

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Moinul Haque
मोईनुल हक़ नदवी

बेगूसराय। एक तरफ तो तपती गर्मी दूसरी तरफ बेगूसराय स्टेशन पर पिछले दो दिनों से पहचान के लिए एक शव प्लेटफार्म पर बोरे में बांधकर फुटओवर ब्रिज के नीचे पहचान के लिए जीआरपी द्वारा रखा हुआ है।

जीआरपी अधिकारियों संवेदनहीनता देखये की शव को खुले में फुटओवर ब्रिज की सीढ़ी के नीचे यूं ही रख दिया है। जिस कारण कड़ी धूप में शव तेज़ी से सड़ रहा है। इसके दुर्गन्ध से आने जाने वाले वालों को भारी परेशानी उठाना पड़ रहा है। हालत ये है कि तेज़ दुर्गन्ध से कई रेल यात्री उल्टी करने पर मजबूर हैं। साथ ही बिना नाक पर कपड़ा रखे हुए कोई यात्री यहां से गुजर ही नहीं सकता। 

सवाल ये है कि किया आज बुधवार शाम तक शव यहीं फुटओवर ब्रिज के नीचे सड़ता रहेगा? नियमानुसार जीआरपी को अज्ञात शव को तीन दिनों तक पहचान के इंतेज़ार में रखना होता है। उसके बाद जीआरपी शव का अन्तिम संस्कार करवाती है। रेलवे स्टेशन पर कोई शवगृह नही रहने या फिर वातानुकूलित बॉक्स नहीं रहने के कारण शव को खुले में रख दिया जाता है। खुले में शव रखने के कारण यात्रियों को गम्भीर संक्रमक रोग से संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। 

इस घटना इस प्रकार है कि सोमवार को बरौनी कटिहार रेल प्रखंड के 45 नम्बर गुमटी के पास बुजुर्ग महिला कट कर मर गयी थी।जीआरपी ने शव का पोस्टमार्टम कराकर शव को प्लेटफार्म पर रखवा दिया था। इधर जीआरपी थाना अध्यक्ष हारून रशीद ने बताया कि स्टेशन परिसर में शवगृह नही होने के कारण मजबूरी में शव को बाहर प्लेटफार्म पर रखना पड़ता है।

साथ ही उन्होंने बताया कि शव ग्रह बनाये जाने या फिर वातानुकूलित बॉक्स के लिए कई बार रेल एसपी कटिहार को पत्र लिख चुके है। उधर जब स्टेशन मास्टर से सवाल पूछे जाने पर उनका जवाब था कि मुझे शव से कोई मतलब नही है।उधर एसपी रेलवे का कहना है डीआरएम ने ध्यान नही दिया।

बहरहाल आरोप प्रतिआरोप का माहौल बना हुआ है। खबर के लिखे जाने तक कोई नई एक्टिविटी नही दिखाई दी है और न ही शव की पहचान हो पाई है।

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