धनकुबेरों समेत प्रोफेसर एंव सरकारी कर्मचारी बने शौचालय निर्माण के लाभार्थी

toilet construction
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जिम्मेदारों के चहेते बने लोगों के परिवार के सभी सदस्यों को मिला शौचालय निर्माण का लाभ….

डीआरजी ने अपने पति एंव ससुर समेत खुद लिया प्रोत्साहन राशि का बारह-बारह हजार का चेक…..

माता प्रसाद वर्मा की रिपोर्ट-

श्रावस्ती। भारत सरकार द्वारा शौचालय निर्माण के लिए ग्रामीणों को दिये जाने वाला बारह हजार रुपये का प्रोत्साहन राशि अब अधिकारियों एंव जनप्रतिनिधियों के कमाई का जरिया मात्र बनकर रह गया है। जिसकी वजह से स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत का सपना अब सिर्फ कागजों में हीं सिमट कर रह जायेगा।

पिछले कुछ महीनों में श्रावस्ती के कई गांवों में शौचालय निर्माण में घोटाले की बात सामने आयी थी। मगर ताजा मामला अब अंतराष्ट्रीय पर्यटन स्थली श्रावस्ती के मुख्य कस्बे कटरा का है। जहां पर जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगे गये सूचना में जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा उपलब्ध कराये गये सूचना के अनुसार कटरा ग्राम सभा में शौचालय निर्माण में भारी गड़बड़ झाला सामने आया है।

इस ग्राम पंचायत में कहीं एक व्यक्ति को तीन शौचालय का लाभ दे दिया गया हैं, तो कहीं पति पत्नी जेठ ससुर समेत पूरे परिवार को प्रोत्साहन राशि का बारह-बारह हजार रुपये भंडारे के प्रसाद जैसे बाटा गया है। शौचालय निर्माण के प्रोत्साहन राशि के लाभ का घोटाला यहीं नही थमता। जिनके घरों में दसियों वर्ष पूर्व से शौचालय बना हुआ है तथा जो प्रोफेसर जैसे ग्रेड वन की नौकरी कर रहे हैं उन्हें भी इस प्रोत्साहन राशि से नवाज कर स्वच्छ भारत मिशन के कदम को आगे बढ़ाया गया है।

हद तो तब हो गयी जब कटरा डीआरजी माधुरी ने अपने पति गणेश एंव ससुर महादेव समेत खुद बारह हाजर रुपये का प्रोत्साहन राशि लेकर एक बड़ा घोटाला करके मोदी जी के स्वच्छ भारत मिशन एंव न खाऊंगा न खाने दूंगा के उद्देश्य को पलीता लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा है। शिव कुमार पुत्र नन्द लाल को तीन शौचालय का लाभ दे दिया गया है।

जबकि मौके पर एक का भी निर्माण नहीं है। राम कुमार तथा शिव कुमार पुत्रगण स्वामी जैसे तमाम लोगों के नाम से शौचालय निर्माण का पैसा निकाल लिया गया है। जबकि लाभार्थियों को इस सन्दर्भ में कोई जानकारी हीं नही है। जिससे ये लोग शौचालय निर्माण का लाभार्थी होने के बावजूद भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं। निर्मला पत्नी पुत्ती लाल, पुत्ती लाल तथा राघव राम पुत्रगण पौदर, पौदर पुत्र कल्टे जैसे कई संयुक्त परिवारों को पति-पत्नी-भाई-बाप को शौचालय निर्माण का प्रोत्साहन राशि प्रसाद की तरह बाटा गया है।

जबकि इनके यहां बीसों वर्ष पहले से शौचालय बना हुआ है। सरकारी कर्मचारी बच्छराज पुत्र रामकिशुन, अमर प्रताप तथा सोमन पुत्रगण बच्छराज एंव होली राम पुत्र राम चन्दर, राम चन्दर व राज कुमार पुत्रगण राम सहाय जैसे दर्जनों लोगों के पूरे परिवार को शौचालय निर्माण का लाभ दिया गया है। जबकि मौके पर निर्माण सिर्फ एक शौचालय का कराया गया है।

शेष धन जिम्मेदारों की मिलीभगत से गबन कर लिया गया है। सनातन धर्म पीजी कॉलेज कानपुर के असिस्टेंट प्रोफेसर समयदीन गुप्ता को भी यहां पर शौचालय निर्माण का लाभार्थी बना दिया गया है। इस सन्दर्भ में प्रोफेसर समय दीन गुप्ता का कहना है कि मैंने ग्राम पंचायत कटरा से कोई सरकारी लाभ नहीं लिया है।

यदि हमारे नाम से शौचालय निर्माण का पैसा निकाला गया तो यह गलत है इसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। शौचालय निर्माण के लाभार्थियों की सूची सामने आने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा कटरा के धन कुबेरों की है जो सर्व सुविधा सम्पन्न होने तथा पच्चीसों वर्ष से शौचालय का प्रयोग करने के बावजूद भी अपनी सेटिंग के बलबूते बारह हजार रुपये अवैध रूप से हासिल कर लिए हैं।

कटरा ग्राम सभा में शौचालय निर्माण लाभार्थियों का सच तो यह है कि जो असली पात्र एंव गरीब हैं वो आज भी भारत सरकार के इस महत्वकांक्षी योजना से दूर हैं। जिससे कटरा ग्राम सभा की आधी से अधिक आबादी आज भी खुले में शौच करने को मजबूर है।

इस मामले पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, कटरा, मनीष चौधरी का कहना है कि हमारे द्वारा सिर्फ पात्र लोगों को हीं शौचालय निर्माण का लाभ दिया गया है और निर्माण के तुरन्त बाद उसपर लाभार्थी का नाम लिखवा कर फोटो अपलोड कर दिया जाता है। एक नाम से कई शौचालय तथा पूरे परिवार को लाभ देने का मामला पूर्व प्रधान के कार्यकाल का है उससे हमारा कोई संबंध नहीं है।

वहीं दूसरी ओर प्रभारी जिलाधिकारी, अवनीश राय ने कहा कि मामले की जांच कराई जायेगी। दोषी पाये गये लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया जायेगा। अवैध रुप से लाभ लेने वालों से रिकवरी कराई जायेगी।

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