किसान आंदोलन से आतंकियों के भागने तक, फेल रहा शिवराज सरकार का इंटेलीजेंस सिस्टम

Shivraj Singh Chauhan
File Photo: CM Shivraj Singh Chauhan
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Rajkumar jayaswal
राज कुमार जायसवाल

भोपाल। पिछले साल किसान आंदोलन के  दौरान प्रदेश के कई हिस्सों सहित राजधानी में भी भीषण तबाही झेली थी। साथ ही विगत वर्ष इसी माह में भोपाल में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था। इसी के साथ पूर्व में भी कई मौकों पर राजधानी पुलिस का इंटेलीजेंस सिस्टम पूरी तरह से फेल साबित हुआ है। अब एक बार फिर से राजधानी पुलिस के खूफिया तंत्र की अग्निपरीक्षा है। आगामी दिनों में किसानों द्वारा दस दिन तक आंदोलन करने की चेतावनी दी ज चुकी है। वहीं विगत कई सालों में त्यौहारों के महिनों लगातार हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं।

“इन मौकों पर फेल साबित हुआ पुलिस का खूफिया तंत्र”

2017 में मध्य प्रदेश में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई एजेंट का एक नेटवर्क पकड़ा गया।  एक दर्जन से ज्यादा लोगों में भोपाल के एक भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल था। करीब तीन साल से ये आईएसआई के लिए सूचना तंत्र बने हुए थे। लेकिन पुलिस बेखबर थी, जम्मू कश्मीर पुलिस और केंद्रीय एजेंसी से इनपुट मिलने के बाद एटीएस की नींद खुली और इस नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।

नर्मदा बचाओ आंदोलन….

4 मई 2017 को सरदार सरोवर डूब क्षेत्र के विस्थापितों के साथ नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर ने मंत्रालय का घेराव किया। इंटेलिजेंस सिस्टम फेल होने के कारण भोपाल पुलिस को घंटो बाद खबर मिली।

धर्म स्थल को लेकर फैली थी हिंसा…

30 मई 2017 को भोपाल के हमीदिया अस्पताल के पास में दो पक्ष आमने-सामने आए, लोगों ने गाडियो और दुकान में आगजनी की। पुलिस ने शुरूआत से घटना को हल्के में लिया, इंटेलीजेंस का इनपुट नहीं मिलने से हालात बिगड़े।

खूंखार आतंकियों ने प्रहरी की हत्या के बाद किया था जेल ब्रेक…

30-31 अक्टूबर 2016 की दरमियानी रात सिमी के आठ कैदी एक सिपाही की हत्या कर जेल से भागे, अगले दिन सुबह ही पुलिस ने इन्हें मार गिराया, लेकिन बाद में पता चला कि ये कैदी कई दिनों से जेल ब्रेक की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस को खबर तक नहीं लग पाई।

राजभवन के सामने आत्मदाह की कोशिश…

2016 में सात सितंबर को भी पूर्व राज्यपाल रामनरेश यादव की विदाई के दौरान उनके काफि ले के सामने आरटीआई कार्यकर्ता मनोज त्रिपाठी ने आत्मदाह का प्रयास किया था। इस मामले में भी इंटेलिजेंस फेल रहा था। मनोज त्रिपाठी ने घटना के एक दिन पहले ही आत्मदाह करने को लेकर मीडियाकर्मियों सहित सोशल मीडिया में भी इसकी जानकारी दी थी।

नक्सल हथियार कारखाना…

भोपाल के बीएचईएल इलाके में जनवरी 2007 में नक्सलियों का हथियार बनाने का कारखाना पकड़ा गया था, जिसमें नक्सली मशीन गन, रॉकेट लांचर और मोर्टार बना रहे थे। हथियार कारखाना कई महीनों से चल रहा था, लेकिन पुलिस को भनक नहीं लगी थी।

पुलिस चौकी से 100 मीटर की दूरी पर रह रहा था आईएस एजेंट…

2016 में एनआईए ने भोपाल के टीला जमालपुरा स्थित पुत्लीघर में कई महीनों से रह रहे आईएस के एजेंट अजहर इकबाल को गिर तार किया था। यह एजेंट पुलिस चौकी इंद्रा नगर से महज 100 की दूरी पर रहता था। इंटेलिजेंस को कई महीनों से अजहर की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी नहीं थी।

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