पोस्टमार्टम

वाराणसी फ्लाईओवर दुर्घटना: मौत के बाद भी नहीं थमा वसूली का खेल, पोस्टमार्टम के नाम पर मांगे 100 रुपये

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इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली नहीं बदली, पैसा नहीं मिलने पर शव को रख दिया गया था किनारा…

दयानंद तिवारी

दयानंद तिवारी

 

 

 

 

 

 

वाराणसी: सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार में बनारस में अधिकारियों की लापरवाही से हुए फ्लाईओवर हादसे से सभी जगहों पर हड़कंप मचा हुआ है इसके बाद भी जिला प्रशासन की कार्यशैली में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।

फ्लाईओवर हादसे में मारे गये लोगों के शव के पोस्टमार्टम के लिए बीएचयू स्थित मर्चरी में सफाईकर्मियों द्वारा 100-100 रुपये मांगे गये। जिन लोगों ने पैसे दिये तो उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जिनके पास पैसे नहीं थे उनके शव को अलग रख दिया गया। सोशल मीडिया पर जब पैसे लेने का वीडियो वायरल हुआ तब जाकर जिला प्रशासन की नीद टूटी। इसके बाद जिलाधिकारी ने वसूली के आरोप में मर्चरी पर तैनात सफाईकर्मी को निलंबित करते हुए लंका थाने में एफआईआर दर्ज करायी है।

मानवता इतनी मर चुकी है कि मौत के बाद भी कुछ लोग वसूली करने का मौका नहीं छोड़ते हैं। चौकाघाट फ्लाईओवर का स्लैब गिरने से 19 लोगों की मौत हो गयी थी घंटों मेहनत के बाद किसी तरह घायल व मृतकों के शव को निकाला गया था और शव को पोस्टमार्टम के लिए बीएचयू स्थित मर्चरी भेज दिया गया था। मंगलवार की रात होने के चलते शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था इसलिए बुधवार को सुबह ही मृतकों के परिजन बीएचयू स्थित मर्चरी में शव का पोस्टमार्टम कराने पहुंच गये थे। मृतकों के परिजनों को क्या पता था कि मौत के बाद भी वसूली का खेल होने वाला है।

मर्चरी पर तैनात कुछ लोगों ने परिजनों से पोस्टमार्टम के बाद शव सिलने व पहले पोस्टमार्टम कराने के नाम पर प्रत्येक शव सौ-सौ रुपये मांगे। इस बात की जानकारी जब परिजनों को हुई तो वह सकते में आ गये। किसी के घर के चार लोग मरे थे तो किसी ने तीन परिजनों को खो दिया था। भयानक हादसे की जानकारी मिलते ही सभी लोग अस्पताल पहुंच गये थे किसी के पास पैसे थे तो किसी के पास नहीं थे। ऐसे में लोगों ने मर्चरी पर तैनात कर्मचारी व अन्य लोगों से पैसे नहीं होने की भी दुहाई दी। लाश सिलने वालों की आत्मा कभी की मर चुकी थी इसलिए जिन लोगों ने पैसे नहीं दिये उनके परिजनों के शव को किनारे रख दिया गया। जिन लोगों ने प्रत्येक शव 100-100 रुपये दिये थे उनके शव को पहले पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू हो गयी।

कर्मचारी के वसूली करते समय किसी ने वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर डाल दिया जो देखते ही देखते वायरल हो गया। इसके बाद जिला प्रशासन की आंख खुली और सिर्फ सफाईकर्मी को निलंबित करके एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया।

डिप्टी सीएम के बयान के बाद भी जिला प्रशासन ने नहीं दिखायी गंभीरता

बीएचयू में वसूली के बाद जिला प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़ा हो गया। चौकाघाट फ्लाईओवर के हादसे के बाद खुद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने सर्किट हाउस में बयान दिया था कि सरकार घायलों की सभी तरह से मदद करेगी। पोस्टमार्टम हो जाने के बाद शव को घर भेजने की व्यवस्था खुद सरकार करेगी। इसके बाद भी जिला प्रशासन ने सक्षम अधिकारी को मर्चरी में तैनात नहीं किया था।

मर्चरी पर छोटे स्तर या बिना अनुमोदन के काम करने वाले लोग पोस्टमार्टम के नाम पर वसूली करते हैं यह जानकारी सभी को होती है इसके बाद भी जिला प्रशासन ने परिजनों के भरोसे शव को छोड़ दिया था। इससे साफ हो जाता है कि हादसे के बाद भी प्रशासन की कार्यप्रणाली नहीं सुधरी है और मौत के बाद भी लोगों को प्रशासनिक अव्यवस्था का खामियाजा भुगताना पड़ा है।