बीएचयू में फिर बैठी छात्रांए धरनें पर, इस बार मुद्दा बना नॉनवेज

मेस
BHU Girls again came out to Protest, this time against mismanagement in hostel mess...
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हॉस्टल मेस की अव्यवस्थाओं को लेकर छात्रांए गुस्से में, पूछा– हमें चिकन-मटन क्यो नही मिलता…

Tabish Ahmed
ताबिश अहमद

 

 

 

 

 

वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय का प्रबंधतंत्र पिछले सितंबर से लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है, सितंबर में सुरक्षा व्यावस्था को लेकर छात्राओं के प्रदर्शन से शुरू हुआ क्रम अभी तक अलग-अलग घटनाओं के रूप में जारी है। इसमें दिसम्बर में छात्रनेता आशुतोष सिंह की गिरफ़्तारी को लेकर प्रांगण में भीषण आगजनी और तोड़फोड़ भी शामिल है।

अगर पिछले कई महीनों से देखा जाए तो बीएचयू प्रशासन एवं छात्रों के बीच काफी तानातनी बढी़ है। लेकिन जब से नई चीफ प्रॉक्टर डॉक्टर रोयाना सिंह आई हैं, तब से हालात काफी बदले हुए हैं। लंका थाना प्रभारी संजीव मिश्रा एवं रोयाना सिंह ने मिलकर बीएचयू के हालात को काबू करने के लिये कुछ कड़े कदम उठाये हैं।

इसी क्रम में सोमवार को एक बार फिर बीएचयू महिला महाविद्यालय की छात्राएं आंदोलनरत हैं। इसके बाद परिसर का माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है। इस बार छात्राओं के आंदोलन का कारण मेस की मनमानी है। भोजन और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर एमएमवी के मुख्य द्वार कुछ छात्राएं धरने पर बैठी हुई हैं।

धरनारत छात्रा आकांक्षा आज़ाद ने बताया कि जनवरी में हम जितने दिन हास्टल में नहीं रहे उसकी भी हमसे मेस के लिए फीस ली जा रही है। छात्रा का आरोप है कि किसी को 100 रुपये तो किसी से 500 तो कोई 2000 रुपये तक देने को विवश हुआ है। आजाद के अनुसार हमारी क्लासेस 20 से 25 जनवरी के बाद शुरू हुईं ऐसे में हमें सिर्फ 6 जनवरी तक छूट दी गयी।

आकांक्षा आजाद ने बताया कि हॉस्‍टल की छात्राओं को नॉनवेज नहीं दिया जाता। उसने मांग की कि विश्वविद्यालय की अन्य मेसों की तर्ज पर डाईट पे का रूल हमारी मेस में भी होना चाहिये। जब तक ऐसा नहीं होगा हम धरना देंगे।

खबर लिखे जानें तक बीएचयू प्रशासन नें छात्राओं से बात नही किया था।

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