हड़ताल

हड़ताल का भौकाल दिखाकर आये दिन दबंगई, मारपीट में बीएचयू के जूनियर डॉक्‍टर्स अव्वल

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जूनियर डाक्टर्स फिर हड़ताल पर, मरीज़ हैरान-परेशान…

Tabish Ahmed

ताबिश अहमद

 

 

 

 

 

 

वाराणसी: बीएचयू के रेजिडेंट डॉक्टर अस्पताल में आये दिन गुंडई और मारपीट करने के आरोप में फंसते रहते हैं और फिर कार्रवाई से बचने के लिए बिना किसी नोटिस के हड़ताल पर चले जाते हैं। एक बार फिर बीएचयू के रेजिडेंट डॉक्‍टर्स हड़ताल पर चले गये हैं।

दरअसल, बीती शाम जूनियर डाक्टरों पर बीएचयू के ही छात्रों से मारपीट का मामला लंका थाने में दर्ज हुआ था, जिसके बाद सर सुन्दर लाल चिकित्सालय के सभी जूनियर डाक्टर हड़ताल पर हैं।

बीएचयू

BHU Sir Sunderlal Hospital looks deserted as Junior Doctors went on strike again…

पहले मरीज के साथ बदसलूकी और मारपीट बाद में कार्रवाई से बचने के लिए हड़ताल, कुछ यही नखरे काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सर सुन्दरलाल चिकित्सालय से जुड़े रेजिडेंट डाक्टरों के हैं, जो मरीज के लिए भगवान कम ‘यमराज’ ज्यादा मालूम होते हैं।

मंगलवार को संस्कृत के छात्रों से इलाज के बजाये मारपीट करना रेज़ीडेंट डाक्टरों को उस वक़्त भारी पडा था जब विश्वविद्यालय की चीफ प्राक्टर ने मारपीट करने वालों डॉक्‍टरों को चिह्नित करते हुए एग्जाम में बैठने से रोक दिया। इसके बाद बुधवार सुबह से ही रेज़ीडेंट डाक्टर हड़ताल पर चले गये हैं।

हड़ताल

Patients have nowhere to go …

पढ़ाई-लिखाई और प्रैक्‍टिकल करने के बजाय हड़ताल शुरू करने वाले रेजिडेंट डॉक्‍टरों का कहना है कि जिन डाक्टरों पर आरोप लगाया गया है उसे वापस लिया जाए वरना वो ऐसे ही हड़ताल पर रहेंगे। वहीं दूसरी तरफ रेजिडेंट डॉक्‍टरों के हड़ताल से मरीजों का बुरा हाल है। यूपी और बिहार के दूर दराज़ के जिलों से आये मरीज़ अस्‍पताल में दर-दर भटक रहे हैा। वहीं रेजिडेंट डाक्टर्स उनका इलाज करने के बजाये अस्पताल से वापस लौटा रहे हैं। इसकी वजह से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि मंगलवार को बीएचयू संस्कृत विभाग के शास्त्री थर्ड ईयर का छात्र डाक्टर से इलाज कराने सर्जरी विभाग पहुंचा था। यहां मौजूद डाक्टर ने लम्बे इन्तजार के बाद छात्र का इलाज करने से ही मना के दिया। हद तो तब हो गयी जब छात्र इसका कारण पूछ बैठा। इतने से नाराज हुए धरती के कलियुगी भगवान रूपी तीन रेजिडेंट डाक्टरों ने छात्र के सिर पर तेज वार किया, आरोप है कि उसे घसीट कर तीनों ने बाहर कर दिया, जिससे उसका सिर फट गया।

अपमान और मारपीट से नाराज छात्र ने प्रक्टोरियल बोर्ड को इस बात की लिखित सूचना देते हुए लंका थाना पहुंचकर तहरीर दी। तहरीर पर पुलिस ने जांच की, जिसमें मामला सही पाया गया। इस पर लंका पुलिस ने सम्बंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया, साथ ही चीफ प्राक्टर रोयना सिंह ने भी संलिप्त डाक्टरों के परीक्षा में बैठने से रोक लगा दी। अब इससे बौखलाए जूनियर डाक्टर बुधवार से हड़ताल पर चले गये हैं। इसकी वजह से मरीजों को बेहिसाब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।