अवनी चतुर्वेदी

दरभंगा की बेटी भावना ने फाइटर मिग-21 उड़ाकर रचा इतिहास

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Pankaj Pandey

पंकज पाण्डेय

दरभंगा। भारतीय वायुसेना ने दो साल पूर्व तीन लड़कियों को फाइटर पायलट स्ट्रीम के लिए चुना था। उन तीन लड़कियों में से अवनी चतुर्वेदी ने पिछले दिनों फाइटर विमान मिग-21 सफलतापूर्वक उड़ाकर इतिहास रचा था। अब बेगूसराय की भावना कंठ ने भी अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन से अकेले मिग-21 उड़ाकर अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करवा लिया है।

इनकी उड़ान आधे घंटे की रही। तीसरी लड़की मोहना सिंह है जो प्रशिक्षण ले रही है। इस साल दो अन्य लड़कियों को भी लड़ाकू विमान पायलट के प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। अब वायुसेना में लड़ाकू विमानों के लिए पांच महिला पायलट हो गई हैं।

दरभंगा जिला अंतर्गत घनश्यामपुर प्रखंड के बाउर गांव की रहने वाली भावना कंठ हैदराबाद स्थित एयरक्राफ्ट एकेडमी में फाइटर प्लेन उड़ाने का प्रशिक्षण लेने के बाद 18 जून को वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुई थी। 10वीं तक की पढाई बेगूसराय जिला अंतर्गत बरौनी रिफाइनरी के डीएवी स्कूल से पूरी करने के बाद वह आगे कि पढाई कोटा विद्या मंदिर स्कूल से किया। कठिन मेहनत का फल मिला और उनका सिलेक्शन बेंगलुरु के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में बी.टेक. (इलेक्ट्रॉनिक्स) में हों गया।

बता दें कि मिग-21 बाइसन्स की टेक-आफ और लैंडिंग स्पीड सबसे अधिक तकरीबन 340 किमी. प्रति घंटे की है। तीनों अपने एयरबेस स्टेशन से उड़ान भरेंगी। 

अब तक तीनों ने सोलो सोर्टिज जैसे पायलट्स पीसी-7, किरन और हॉक जेट ही उड़ाया है। ऐसे विमानों को उड़ाना गुरिल्ला ट्रेनिंग के दौरान काफी आसान समझा जाता है। अब अवनि और भावना मिग-21 जैसे युद्धक बड़े लड़ाकू विमानों को उड़ाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि- ‘अवनि ने मिग-21 टाइप 69 में अपने प्रशिक्षक के साथ उड़ान भरना भी शुरू कर दिया है। फिलहाल वह प्रशिक्षक के साथ टू सीटर मिग में उड़ान भर रही हैं। जल्द ही अकेले उड़ान भरकर इतिहास रचेंगी।’