जब युवती की आस्था की परकाष्ठा देख सन्न रह गए उपस्थित लोग

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Janmanchnews.com
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Pankaj Pandey
पंकज पाण्डेय

दरभंगा। जिले के बहेड़ी थाने के सिरुआ गांव के एक दुर्गा मन्दिर में उपस्थित लोग तब आस्था की पराकाष्ठा देखकर सन्न रह गए जब एक महिला ने अपनी आंख निकालकर माता के चरणों में चढ़ाने का प्रयास किया।शनिवार को घटी इस घटना में मन्दिर में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया, महिला को आनन-फानन में डीएमसीएच में भर्ती करवाया गया है।

जानकारी के मुताबिक सिरुआ गांव के अरुण कुमार सिंह की अठारह वर्षीय बेटी सोना कुमारी उर्फ कोमल माता दुर्गा की परम भक्त है। वह प्रति दिन सुबह शाम मां दुर्गा की पूजा अर्चना करती है। शनिवार की सुबह वह हर वर्ष की तरह चैती नवरात्र में गांव में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष से निकाली गई कलश शोभा यात्रा में हिस्सा ली। यात्रा का समापन पंडाल में आकर हुआ। उसके बाद कोमल ने मां के चरणों में अपनी बायीं आंख अपने ही हाथों से निकालने का प्रयास किया। जिसमें उसकी बायीं आंख गंभीर रूप से जख्मी हो गई। यह देख आसपास के लोगों ने आननफानन में उसे डीएमसीएच में भर्ती कराया। इमरजेंसी वार्ड में उसकी बायीं आंख को चिकित्सकों ने ऑपरेशन करके निर्धारित स्थान पर रख दिया।

घायल युवती ने बताया कि उसे दो तीन दिन पूर्व भगवती ने एक आंख दान में देने का स्वप्न दिया। इसी को लेकर उसने भगवती को आंख देने का प्रयास किया। उसने अंगुली से आंख निकलने का प्रयास किया। जानकारी के अनुसार युवती ने पुजारी उमेश झा से कहा कि मैं अपनी एक आंख भगवती को चढ़ाउंगी। इसके बाद वह मंदिर के अंदर गई और भगवती की मूर्ति के सामने आंख निकालने का प्रयास किया। इस दौरान उसकी बायीं आंख का तीन चौथाई हिस्सा निकल चुका था। उस समय घायल युवती के चेहरे पर कोई दर्द या पश्चाताप नहीं था।

युवती की आंख का इलाज कर रहे आंख रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि घायल युवती की आंख गंभीर अवस्था में है। उसका आई बाॅल तय जगह से तीन चौथाई निकल चुका है। रोशनी आने की संभावना कम है। फिर भी कुछ रोशनी लाने के लिए इलाज जारी है।

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