Murder plan

धारदार हथियार से माँ और दिव्यांग भाई की हत्या, आरोपी फरार

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Pankaj Pandey

पंकज पाण्डेय

जहानाबाद। जमीनी विवाद में एक बेटे ने अपनी माँ और सहोदर दिव्यांग भाई की धारदार हथियार से हत्या कर दी। जबकि छोटा भाई पटना के पीएमसीएच में जीवन-मृत्यु से जूझ रहा है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार है।

मिली जानकारी के अनुसार यह घटना शनिवार को कुर्था थाना क्षेत्र के बड़कागांव कुंडली धर्मपुर में रात नौ बजे की है, जब तीनों भाई जमीन को लेकर आपस मे बहस कर रहे थे। बहस थोड़ी ही देर में मारपीट में बदल गई।

इसी बीच बड़ा भाई कृष्णा साव ने धारदार हथियार से अपने मंझिले दिव्यांग भाई दिनेश पर हमला बोल दिया। उसे बचाने पहुंची पैसठ वर्षीय माँ मालती देवी वहां पहुंची। बेटा कृष्णा साव ने मां को भी नहीं बख्शा। उसे भी उसी हथियार से मौत के घाट उतार दिया। छोटा भाई राजू भी उसके गुस्से का शिकार होकर लहूलुहान हो गया।

थोड़ी देर के लिए वह घर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। घटना को अंजाम देने के बाद कृष्णा साव वहां से फरार हो गया।

शोरगुल सुनकर वहां पहुंचे ग्रामीणों ने मालती देवी और दिनेश को मृत जबकि राजू को लहूलुहान घायल पड़ा देखा। ग्रामीणों ने लहुलुहान राजू को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया। जहाँ डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार करने के बाद उसकी  गंभीर हालत को देखते हुए पीएमसीएच रेफर कर दिया। ग्रामीण व उसके परिवार के अन्य लोग राजू को लेकर पटना गए हुए हैं।

इस डबल मर्डर की घटना का कारण तीनों भाइयों के हिस्से में मिली जमीन में से दिव्यांग दिनेश द्वारा अपने हिस्से की 3-4 कट्ठा जमीन अपने छोटे भाई राजू के नाम कर देना बताया जा रहा है। इसी जमीन को लेकर घर मे भाइयों में विवाद चल रहा था।

थानाध्यक्ष लक्ष्मी कुमार सुधांशु ने बताया कि उन्होंने मामले की जांच की गई है। घटना से संबंधित अभी किसी का बयान नहीं आया है। घायल राजू का बयान लेने के लिए पुलिस को पीएमसीएच भेजा गया है। कृष्णा साव अपने घर से फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम में लेकर अरवल भेज दिया है। इधर, घटना के बाद से गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। कुछ लोग शव को लेकर पुलिस के साथ अरवल गए हैं और कुछ लोग दाह संस्कार की तैयारी में जुटे हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद रिश्तेदार भी मृतकों के घर पहुंचने लगे हैं।