जानलेवा हमला और हजारों रुपये की लूट, थाना में प्राथमिकी दर्ज करने से किया इंकार

Bihar Police
File Photo: Bihar Police
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न्यायालय में मामला दर्ज होने के बाद पीड़ित को मिल रही है जान मारने की धमकी…

Sudhanshu Aanand
सुधांशु आनंद

पटना। बिहार राज्य के जमुई जिला के सिमुलतला थाना क्षेत्र में सियांटांड गांव के पास एक फल व्यवसायी से जानलेवा हमला कर हजारों रुपया लूटने का मामला प्रकाश में आया है।

इस घटना में व्यवसायी बाल-बाल बचे लेकिन अपने साथ रखे हजारों रुपयों को नही बचा पाये। लहू-लूहान की स्थिति में वह प्राथमिकी दर्ज कराने सिमुलतला थाना गये तो संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज करने से इंकार कर दिया गया और पीड़ित के साथ अव्यवहारिक शब्दों का प्रयोग किया।

थाना में मामला दर्ज नही होने के बाद निराश परिजनों ने पीड़ित को घटनावाली रात में ही आनन-फानन में पड़ोसी राज्य के देवघर स्थित सदर अस्पताल ईलाज हेतु ले गया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार कर बेहतर ईलाज के लिये रेफर कर दिया। तब पीडित के परिजनों के आंखों के आगे अंधेरा छा गया।

आखिर क्या करें? तब पीड़ित के परिजनों ने पीड़ित को जीवन मौत से लड़ते देख एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां बेसुध अवस्था में पड़े पीड़ित का इलाज कराया गया और जान बचायी गयी। सिमुलतला थाना में प्राथमिकी दर्ज करने से इंकार करने पर पीडित ने न्यायालय में मामला दर्जा कराया है।

भा द वि की धारा 147, 148, 149, 323, 341, 324, 325, 307, 394, 379, 504 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले में नेपाली विशवकर्मा, कुन्दन चौधरी, जीवन विश्वकर्मा सहित कुल नौ नामजद आरोपी हैं। दर्ज मामलो में पीडित ने उल्लेख किया है कि 19 जुलाई की रात करीब 10 बजे पाटलिपुत्र ट्रेन पकडने के लिये घर से निकलें।

घर से कुछ ही दूरी पर पहले से घात लगाकर बैठे नेपाली विश्वकर्मा, कुन्दन चौधरी आदि ने घेर कर पकड़ लिया और खेत की और ले जाने लगा। विरोध करने पर ताबड़ तोड़ भुजाली और तलवार से प्रहार कर दिया। जिससे वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गये। और उनलोंगों ने रुपये छिन लिये। गाली-ग्लौज करते हुए थाना नही जाने की धमकी दिया।

जब थाना गये तो संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज करने से इंकार कर दिया गया। उधर न्यायालय में मामला दर्ज होने के बाद पीड़ित व्यवसायी और उनके परिजनों को जान मारने की धमकी का मिल रही है। न्यायालय में नामजद आरोपी, उन्हें कभी दुकान पर तो कभी राह चलते धमका रहे हैं।



सनद रहे कि पीड़ित व्यवसायी सिमुलतला थाना में दो बार प्राथमिकी दर्ज कराने गये थें। पहली बार घटनावाली रात लहूलुहान की स्थिति में प्राथमिकी दर्ज कराने गया था। और दूसरी बार, ईलाद कराकर वापस लौटने के बाद।

दोनों बार ही सिमुलतला थाना में घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने से इंकार कर दिया गया। अब न्यायालय में मामला दर्ज होने के बाद नामजद आरोपी पीड़ित को धमका रहे हैं। इससे साफ जाहिर है कि सिमुलतला थाना क्षेत्र में असामाजिक तत्वों और अपराधिक मानसिकता वाले लोगों का बोलबाला है।

गौरतलब है कि सिमुलतला थाना किसी न किसी बहाने सुर्खियों में बना रहता है। अधिकांशत: पीड़ित के मामले को थाने के रजिस्टर में दर्ज नही करने के मामलों में। जिसका एक प्रमाण यह है।

बताया जाता है कि घटना को अंजाम देने के बाद नेपाली और कुन्दन फरार हो गया था। जब थाने में प्राथमिकी दर्ज नही हुई तब घर वापस आया है। पुलिस को ठेंगें में रखने की बात कह रहे हैं।

Sudhanshu@janmanchnews.com

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