पत्नी की हत्या कर शव को जलाता अपराधी पत्नी के परिजन को देखकर हुआ फरार

Murder
Janmanchnews.com
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Sarfaraz Alam
सरफराज आलम

सहरसा। जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाना के बलवाहाट ओपी के भौटिया गांव निवासी कुख्यात बदमाश रौशन सिंह ने अपनी अठाईस वर्षीय पत्नी निक्की देवी की हत्या करने के बाद उसकी लाश को गांव के एक गाछी में जलाकर गाड़ दिया।इस जघन्य हत्या की खबर सुनकर गांव पहुंची मृतिका की चाची शव को देखकर हार्ट अटैक से चल बसी।

जानकारी मुताबिक घटना को सहरसा के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित आवास पर अंजाम दिया गया और रातों रात आनन फानन में शव को सहरसा से दूर बलवाहाट के भौटिया गांव ले जाकर एक आम के बगीचे में जला कर गाड़ दिया गया।

हालांकि, गुरुवार सुबह जैसे ही लड़की के परिजनों को घटना की जानकारी मिली सभी बलवा हाट पहुंचे और पुलिस के सहयोग से जलती चिता की आग को बुझा अधजले शव को कब्जे में ले पोस्टमार्टम हेतु सहरसा सदर अस्पताल भेज दिया है।

वहीं, मृतिका के पिता मधेपुरा निवासी सुनील कुमार सिंह ने बलवा ओपी को दिये आवेदन में कहा है कि 12 अप्रैल की सुबह मुझे जानकारी मिली कि बीती रात मेरे दामाद द्वारा मेरी पुत्री के साथ मारपीट की गयी।

जिससे मेरी पुत्री जख्मी हो गयी और उसकी इलाज के अभाव में मृत्यु हो गयी। जिसके बाद बारह अप्रैल के अहले सुबह जब हम भोटिया पहुंचे तो गांव के आम के बगीचे में मेरा दामाद रौशन सिंह, निरंजन सिंह सहित परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर मेरी बेटी के लाश को जला रहा था। जैसे ही हम पर उन सबकी नजर पड़ी सभी वहां से भाग खड़े हुए। जिसके बाद हमने बलवा ओपी पुलिस को इसकी जानकारी दी और पुलिस के समक्ष मिट्टी खुदवा शव को निकलवाया गया।

इधर, शव मिलने की सूचना पर इंस्पेक्टर सत्य नारायण राय, बख्तियारपुर थानाध्यक्ष रणवीर कुमार, बलवा ओपी अध्यक्ष पंचलाल यादव में घटना स्थल पर पहुंच कर अधजले शव को मिट्टी के अंदर से निकाला और उसे अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भिजवाया।

पुलिसिया चुस्ती और सघन रात्रि गश्ती पर खुद की पीठ थपथपाने वाली सहरसा पुलिस बदमाश रौशन सिंह की पत्नी के हत्या के बाद सवालों के कटघरे में है। मृतिका के पिता के आवेदन पर गौर करे तो बलवा हाट अंतर्गत भोटिया गांव निवासी बदमाश रौशन सिंह के द्वारा अपनी पत्नी निक्की देवी की हत्या बुधवार-गुरुवार की मध्य रात्रि को सहरसा स्थित प्रोफेसर कॉलनी में की गयी। इसके उपरांत शव को रातों रात सहरसा से टेंपो में लाद कर बख्तियारपुर थाना अंतर्गत भोटिया गांव लाया गया। परंतु सहरसा जिला पुलिस के द्वारा कही भी रात्रि में वाहन की चेकिंग नहीं हुई और आराम से पुलिसिया सुस्ती का फायदा उठा शव सहरसा से सिमरी बख्तियारपुर पहुंच गया।इस दौरान पुलिसिया गश्ती के लिए जिम्मेवार तंत्र चादर तान सोया रहा और आपराधिक प्रवृत्ति के धनी रौशन सिंह ने चालाकी पूर्वक शव को घटनास्थल से कई किलोमीटर दूर लाकर आम के बगीचे में जला कर गाड़ दिया।

आरोपी रौशन सिंह कई आपराधिक मामलों में आरोपी है।रौशन सिंह पर बलवा बाजार में दिनदहाड़े गोलीबारी से लेकर दरभंगा में पेट्रोल पंप लूटकांड को अंजाम देने का आरोप है। इसके अलावे बीते साल दिसंबर में भोटिया चौक पर गोलीबारी मामले में भी रौशन सिंह की तलाश पुलिस कर रही है। वहीं सत्तो यादव हत्याकांड में भी रौशन यादव का नाम सुर्खियों में रहा।

हालांकि, पुलिस ने कई बार इसे दबोचने की कोशिश की परंतु उसके कुत्ते की वफादारी उसे बचा लेती है।भोटिया गांव के लोग बताते है कि पुलिस से बचने के लिए रौशन सिंह ने अपने घर में कुत्ते पाल रखे थे। रात में जैसे ही पुलिस रौशन के घर छापेमारी को पहुंचती थी कुत्ते पुलिस को देख भौंकने लगते थे और रौशन पिछले दरवाजे से भाग खड़ा होता था। ग्रामीणों के मुताबिक रौशन के पास कुल तीन कुत्ते थे. जिसमें दो कुत्ते की मौत हो गयी। वहीं एक अभी भी घर की रखवाली करता है।

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