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सांप्रदायिक दंगे के दौरान क्षतिग्रस्त मस्जिद की मरम्मत के लिए मुआवजा की घोषणा के साथ ही भाजपा नेता जता रहे विरोध

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Santosh Raj

संतोष राज

समस्तीपुर। जिले के रोसड़ा में 27 मार्च को हुए साम्प्रदायिक हिंसा के दौरान क्षतिग्रस्त मस्जिद और मदरसों की मरम्मत के लिए सरकार द्वारा राशि आवंटित करने की घोषणा के साथ ही विरोध के स्वर भी मुखर हो गए है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा इसके लिए राशि आवंटन की घोषणा के बाद से सरकार की सहयोगी भाजपा के नेता इस बात की मुख़ालफ़त करते हुए इसका विरोध किया है।

बिहार में पिछले दिनों कुछ जिलों में हुई उपद्रव के दौरान क्षतिग्रस्त हुए धार्मिक स्थलों के मरम्मत के लिए सरकार ने मुआवजा राशि देने की घोषणा की है।

इसी कड़ी में रोसड़ा के गुदड़ी बजार स्थित मस्जिद और जियाउल- उलाम मदरसा के मरम्मत के लिए सरकार द्वारा 2 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।

वहीं दूसरी ओर बिहार में रामनवमी के दिन निकाले गए जुलूस के दौरान हुई हिंसा में प्रभावित औरंगाबाद और नवादा के लिए भी फंड जारी किया गया है।

नीतीश सरकार के इस फैसले पर सहयोगी भाजपा के नेताओं ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है। समस्तीपुर के जिला भाजपा अध्यक्ष राम सुमिरन सिंह ने राज्य सरकार के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है।

उन्होंने कहा कि हिंसा में दोनों समुदायों के लोग प्रभावित हुए थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने एक खास समुदाय को ही मुआवजा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने पुलिस द्वारा भाजपा समर्थकों को निशाना बनाने और उन्हें गिरफ्तार करने का भी आरोप लगाया है। बजरंग दल के नेता आरएन. सिंह ने नीतीश कुमार पर तुष्टिकरण की नीति अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन सरकार के इस निर्णय का विरोध करेगा।