भाजपा नेता ने की आदिवासी मजदूरों के साथ दरिन्दगी, पैसे के अभाव में मजदूर के बच्ची की मौत

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Janmanchnews.com
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Sarvesh Tyagi
सर्वेश त्यागी

शिवपुरी। भाजपा नेता व हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के गांव गढ़पारा में भाजपा नेता के रिश्तेदार संग्राम सिंह नामक व्यक्ति के यहां करीब 20 रोज़ पहले करीब 20 – 22 आदिवासी मजदूर-मजदूरी करने के लिए शिवपुरी से आए थे।

इन सभी मजदूरों ने 20 दिन मजदूरी की और बाद में जब इनसे सरसों काटने के अलावा अन्य काम करने के लिए भी कहा गया तो मजदूरों ने मना कर दिया, तो संग्राम सिंह ने मजदूरों को उनकी मजदूरी देने से इंकार कर दिया। इस बात से दुखी होकर सभी मजदूर जिला कलेक्ट्रेट परिसर आए और प्रशासनिक अधिकारियों से इस बात की शिकायत की।

यहां हम बता दें कि संग्राम सिंह के चाचा भाजपा के जिलाध्यक्ष रह चुके है, और उनके भाई की बधु वर्तमान में मेहगाँव तहसील में नगर परिषद की अध्यक्ष और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष है।

मजदूरों का कहना है कि 20 दिन मजदूरी कराने के बाद भी उनको उनकी मजदूरी यानी काम की कीमत नहीं दी गई है। इसी बीच एक कल्याण नामक मजदूर की एक वर्षीय बच्ची बीमार हो गई। जिसकी इलाज के अभाव में मौत हो गई।​ जब बच्चे की मौत हुई तो प्रशासन हरकत में आया और आनन-फानन में मजदूर कल्याण आदिवासी को 10 हजार नगद की मदद दी।

इसके बाद कलेक्टर इलैया राजा टी सक्रिय हुए और उन्होंने जिला चिकित्सालय पहुंचकर सभी मजदूरों का हाल जाना और सभी को रैन बसेरे में रुकने की व्यवस्था की और हॉस्पिटल की तरफ से सब को भोजन करवाया साथ ही में इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी निर्देश अधीनस्थ अधिकारियों को जारी किए हैं।

जिस 1 वर्षीय बच्ची विशाखा की मौत हुई है उसका पोस्टमार्टम भी जिला प्रशासन के द्वारा करवाया गया है। पोस्ट मार्टम में यह भी बात पता की जाएगी की बच्ची की मौत किस कारण से हुई है, कहीं बच्ची की मौत भूख से तो नहीं हुई।​​

हम बता दें कि जिन मजदूरों को मजदूरी नहीं मिली थी उन्हें पैसे के अभाव में पिछले 48 घंटे से खाना तक नसीब नहीं हुआ था, जब वे कलेक्ट्रेट पहुंचे तब जिला प्रशासन के द्वारा उन्हें खाना मुहैया करवाया गया। इससे पहले एक सामाजिक कार्यकर्ता ने भी उनको इलाज के लिए ₹500 दिए तब तक काफी देर हो चुकी थी।

मजदूरी के रुपये न देने बाले शख्स के खिलाप बरासों पुलिस को कार्यवाही करने के निर्देश दे दिए गए हैं, मजदूरी करने आये लोंगो को प्रशासन ने रैनबसेरे में आश्रय दिया है, और उनके खाने की व्यवस्था करवाई गई है- “सन्तोष तिवारी – एसडीएम भिण्ड”

गरीब आदिवासी परिवार को मजदूरी के पैसे न देना यह बड़ी घटना है। पैसे के अभाव में इस परिवार न अपनी बच्ची को खो दिया। किसी भी गरीब मजदूरी के साथ इस तरह की घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा- “मनीष राजपूत- प्रवक्ता एकता परिषद”

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