बिलासपुर की राजनीति में आ रहे नित नए मोड़, विधायक के कार्यो को लेकर भाजपा नेताओं ने खोला मोर्चा

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–बिलासपुर के विकास में सीवरेज को वी. रामाराव ने बताया विनाशकारी

–नगरीय प्रशासन मंत्री से बढ़ी दूरियों की वजह वी. रामाराव की अपनी सक्रियता

Praveen Maurya
प्रवीण मौर्य
बिलासपुर। बिलासपुर विधानसभा में भाजपा पार्टी की राजनितिक में नित नए मोड़ आ रहे है, एक ओर भाजपा मिशन 65 को लेकर आगामी विधानसभा चुनाव की जोरो से तैयारी करने में जुटी हुई है। वहीं दूसरी ओर जिले में भाजपा की राजनीति में जमकर उठापठक चल रही है। भाजपा के वर्तमान विधायक व मंत्री अमर अग्रवाल के कार्यो को लेकर भाजपा के ही कद्दावर नेताओ ने मोर्चा खोल दिया है, जो कही ना कही मंत्री अमर अग्रवाल के लिए एक चुनौती के रूप में सामने आ रहा है।

नगर निगम के एमआईसी सदस्य भाजपा जिला कार्यसमिति और रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य वी. रामाराव ने बिलासपुर के विकास में सीवरेज को विनाशकारी बताया वहीं खुद की दावेदारी राज्य में पार्टी नेतृत्व का चेहरा बदलने और राज्य सभा में प्रदेश अध्यक्ष की दावेदारी फेल होने को केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व का निर्णय बताया, तो नगरीय प्रशासन मंत्री से बढ़ी दूरियों की वजह अपनी सक्रियता को बताया।

जिला भाजपा कार्यसमिति के सदस्य वी रामाराव ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य पूरे प्रदेश में 65 प्लस है। इसी को लेकर पार्टी संगठन कार्य कर रहा है। उन्होंने प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाने का दावा किया। फ्लैक्स विवाद और उगादी पर्व के सवाल पर उन्होंने कहा कि विवाद जैसा कुछ नहीं। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं उपलब्धियों को बताने के लिए फ्लैक्स लगवाए गए थे। वहीं उगादी के आयोजन को उन्होंने गैर राजनीतिक कार्यक्रम बताया।

उन्होंने कहा कि जब सन् 2000 में पहली बार पार्षद बने, तब से रेलवे कर्मचारियों और समाज के वरिष्ठजनों के प्रस्ताव पर यह आयोजन लगातार कर रहे हैं। इसका उद्देश्य राजनीतिक नहीं, बल्कि समाज के लोगों को संगठित करना है। इस विधानसभा चुनाव में पार्टी की क्या स्थिति रहेगी पूछने पर उन्होंने कहा कि इस बार भी भाजपा का परमच लहराएगा।

जिला कार्यसमिति के सदस्य ने बताया कि जिस समय वे पहली बार रेलवे परिक्षेत्र से पार्षद बने वहां रेलवे मेंस कांग्रेस यूनियन का वर्चस्व था, जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने रेलवे क्षेत्र से लगातार 4 विधानसभा, 4 नगर निगम और 6 लोकसभा चुनाव में पार्टी को बढत दिलाने काम किया है पार्टी संगठन की ओर से जो जिम्मेदारी मिलेगी उसका वे निर्वहन करेंगे।

डॉ मनीष रॉय पर टिकी भाजपा संगठन की नजर :- डॉ रॉय के एक अखबार में बयान क्या आया पूरे जिले व प्रदेश में सियासत गर्म हो गई। राष्ट्रीय नेताओं के व प्रदेश के गृहमंत्री के बेहद करीबी और शिक्षाविद व समाजसेवी डॉ रॉय ने भाजपा के जिले पदाधिकारीयो को संगठन का पाठ पढ़ाया और अपनी आजीवन सदस्यता का प्रमाण दिया। साथ ही उन्होंने अपने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ उच्च स्तर पर सहभागिता को भी दिखाया। वे अपने राष्ट्रीय कद और लगातार जनता के बीच संवाद बनाते गए  हैं और बिलासपुर में लोकप्रियता हासिल की है।

इसके पूर्व भी डॉ राय ने शिक्षा जगत मे बहुत  सारे उपलब्धियाँ हासिल की है, जैसे अंर्तराष्टीय युवा वैज्ञानिक का पुरूस्कार जीतना शामिल है  बिलासपुर के जातिगत समीकरण व श्री राय की पृष्ठभूमि जो बंगाल समुदाय से आते है,  और रेल्वे परिवार की ओर से भी आते है, जिनका प्रभाव दक्षिण भारत परिवारो पर भी बहुत है। इनका वोट लगभग 50000 के आसपास है तो दावा सबसे मजबूत बनता है। एक तो विकास मे पीछे व लोगो की अमर अग्रवाल से नफरत, मनीष राय के रूप में भाजपा के लिए तारणहार का काम कर सकती है।

जो स्वच्छ छवि और पढा लिखा चेहरा होगा और लगभग अगर बिलासपुर में नए चेहरे को प्रोजेक्ट किया जाता है तो वो चेहरा डॉ मनीष रॉय हो सकते है? अब यह सवाल बिलासपुर की जनता ने उठाना शुरू कर दिया है।

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