नैतिकता – अनैतिकता को गोली मार बीजेपी चली रायबरेली जीतने, दिनेश प्रताप सिंह गये बीजेपी के खेमे में

दिनेश प्रताप सिंह
Congress MLC Dinesh Pratap Singh (extreme right) all set to join BJP...
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कांग्रेस के टिकट पर जीते एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह नें कांग्रेस छोड बीजेपी का थामा दामन…

Rahul Yadav
राहुल यादव

 

 

 

 

 

 

रायबरेली: गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली, अमेठी से कांग्रेस को उखाड़ने की भाजपाई कोशिश चरम पर है। अमेठी, रायबरेली में कांग्रेस को पीटकर भाजपा आम जन-मानस में मैसेज देना चाहती है कि उसनें कांग्रेस को उसी के घर में घुसकर मारा है। रायबरेली में अपना पैर जमाने के लिये भाजपा नें अपनें चिर-परिचित टोटके आजमाने शुरु कर दिये हैं, इसी कड़ी में पुराने कांग्रेसी नेता दिनेश प्रताप सिंह को तोड़ना भी शामिल है।

दो दिन पहले सोनिया गांधी का रायबरेली दौरा डैमेज कंट्रोल के तौर पर देखा जा रहा था लेकिन अमित शाह फिर कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाने जा रहे हैं। बीजेपी ने सोनिया गांधी को रायबरेली में घेरने का प्लान बनाया है। इसी के मद्देनजर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह 21 अप्रैल को रायबरेली के दौरे पर रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस से नाराज चल रहे एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह अपने विधायक भाई राकेश प्रताप सिंह और जिला पंचायत अवधेश प्रताप सिंह के साथ पार्टी को अलविदा कहकर बीजेपी ज्वाइन कर रहे हैं। दिनेश सिंह ने साफ कह दिया है कि अब कांग्रेस में नहीं रहना है।

रायबरेली में गांधी परिवार को के टक्कर देने के लिए बीजेपी का प्लान तैयार है। बीजेपी आलाकमान अपने दौरे के जरिए बड़ा संदेश देने के लिए दिनेश सिंह और उनके भाइयों को पार्टी में शामिल करा सकते हैं। जानकारों के मुताबिक अगर वह बीजेपी में शामिल होते हैं तो ये कांग्रेस के लिए अपने गढ़ में बड़ा झटका होगा, जबकि बीजेपी इसके जरिए देश की सियासत में माहौल बनाने की कोशिश करेगी।

कौन हैं दिनेश सिंह:
दिनेश सिंह रायबरेली की सियासत में एक बड़ा चेहरा हैं। वो जहां खुद एमएलसी हैं तो उनके एक भाई हरचंद्रपुर से विधायक और एक भाई जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। तीनों ने कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की है।

पहले घेरा अमेठी में, अब रायबरेली की बारी:
पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अमेठी में स्मृति ईरानी को मैदान में उतारकर राहुल गांधी को घेरने की कोशिश की थी। इस बार उसी तर्ज पर अब बीजेपी रायबरेली में ऐसी ही चुनौती पेश करने की तैयारी में जुट गई है। इसी के तहत बीजेपी आलाकमान रायबरेली का दौरे पर जा रहे हैं। वह रायबरेली के स्थानीय नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा करेंगे। उसी फीडबैक पर बीजेपी रायबरेली से सोनिया के खिलाफ मजबूत प्रत्याशी खड़ा कर सकती है।

सेहत गिरी लेकिन सोनिया के इरादे मजबूत:
सोनिया का स्वास्थ्य कमजोर हुआ है लेकिन हौसले मजबूत हैं। रायबरेली दौरे के दौरान वह हमेशा की तरह इस बार भी जनता से जुड़े विकास कार्यों को लेकर सांसद सोनिया गांधी बेहद संजीदा दिखीं। बचत भवन की बैठक में हर मुद्दे पर चर्चा की। इसमें सड़क, आवास और पेयजल समस्या को प्राथमिकता दी गई। सांसद ने अधिकारियों से सवाल पूछे, समझ में नहीं आया तो असंतुष्टि जताई। दो घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में विकास कार्यों पर ही सवाल-जवाब होते रहे। सांसद सोनिया गांधी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्य में कोई हीलाहवाली न हो।

डेढ़ साल बाद अपने संसदीय क्षेत्र पहुंची सोनिया गांधी के स्वागत के लिए लोग पलके बिछाए बैठे थे, जहां एक ओर श्रीमती गांधी के संसदीय क्षेत्र आने पर लोगों ने खुशी जताई तो वही उन के कार्यक्रमों के आयोजकों को लेकर जनता में गुस्सा भी देखा गया। सोनिया गांधी अपने संसदीय क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली में थीं।

सांसद सोनिया गांधी ने सांसद निधि से बने आईएमए भवन के शिलापट का किया उदघाटन किया। शहर में आईएमए भवन बीते एक साल से बनकर तैयार हो गया था। उसके बाद भुएमऊ गेस्ट हाउस पहुंची जहां पर उन्होंने विश्राम किया। उस दौरान राहुल गांधी भी मौजूद रहे। अपने दौरे के दूसरे दिंन भुएमऊ गेस्टहाउस में राहुल गांधी के साथ 10 बजे जनता दरबार लगाया। उसके बाद सांसद निधि से लगभग 100 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण व शिल्यान्यास किया। सोनिया गांधी नें घंटाघर स्थित डाकघर में बने पासपोर्ट कार्यालय का उद्घाटन उद्घाटन किया। यहां से निकलने के बाद सोनिया गांधी कलेक्ट्रेट स्थित बचत भवन पहुंची और अनुश्रवण समिति की बैठक अध्यक्षता की।

कई जन प्रतिनिधियों के साथ प्रशाशनिक अधिकारी भी मौजूद रहें। उसके बाद ऊंचाहार से सपा के विधायक डॉ मनोज पाण्डेय के घर गृह प्रवेश के कार्यक्रम में भी सोनिया गांधी गयीं। सोनिया गांधी के सपा विधायक के घर जाना लोगो के जेहन में एक सवाल पैदा कर गया है कि कही रायबरेली को कांग्रेसविहीन देखने वालों को अपना अगला विकल्प तो नही बता दिया।

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