फ्लाईओवर

वाराणसी फ्लाईओवर दुर्घटना: आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू, जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं अधिकारी

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सेतु निगम ने वाराणसी जिला प्रशासन पर लगाया आरोप, जिलाधिकारी बोले जांच रिपोर्ट आने दीजिए…

Tabish Ahmed

ताबिश अहमद

 

 

 

 

 

 

वाराणसी: मंगलवार शाम हुए दर्दनाक फ्लाई ओवर हादसे के बाद अब आरोप-प्रत्‍यारोपों का दौर शुरू हो गया है। उत्‍तर प्रदेश सेतु निगम के प्रबंध निदेशक कार्यालय की ओर से लखनऊ में मीडिया को बयान दिया गया कि वाराणसी जिला प्रशासन की ओर से उसे ट्रॉफिक डायवर्जन को लेकर मदद नहीं मुहैया करायी गयी, जिसकी वजह से जानोमाल का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं वाराणसी के जिलाधिकारी ने इन आरोपों का यह कहते हुए खंडन किया कि जांच चल रही है और इसपर कुछ भी कहना उचित नहीं होगा।

हमने की है हर संभव मदद
घटना के एक दिन बाद बुधवार को वाराणसी में मीडिया से बात करते हुए जिलाधिकारी योगेश्‍वर राम मिश्र ने इस मामले में किसी भी तरह की टिप्‍पणी करने से इनकार कर दिया। उन्‍होंने कहा कि चूंकि उच्‍चस्‍तरीय जांच चल रही है इसलिये कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। हालांकि उन्‍होंने ये जरूर स्‍पष्‍ट किया कि जब भी, किसी भी प्रकार की सहायता मांगी गयी, ना सिर्फ सेतु निगम, बल्‍कि पीडब्‍ल्‍यूडी सहित विभिन्‍न प्रोजेक्‍ट्स के लिये हमने हर संभव मदद की है।

मदद में पीछे नहीं रहा जिला प्रशासन
जिलाधिकारी के अनुसार बनारस में गेल और आईपीडीएस सहित विभिन्‍न एजेंसियों के बड़े प्रोजेक्‍ट्स चल रहे हैं, जिस विभाग के द्वारा हमसे मदद मांगी गयी, डायवर्जन मांगा गया, प्रशासन और पुलिस का सहयोग मांगा गया, पीएसी के डिप्‍लॉयमेंट की मांग की गयी, कभी-कभी अतिक्रमण हटाने के लिये महिला पुलिस की मांग की गयी, तब तब हमारे मजिस्‍ट्रेट्स और पुलिस प्रशासन ने हमेशा उपलब्‍ध रहे हैं।

हमने अभी दिया हुआ है तीन महीने का डायवर्जन
जिलाधिकारी ने बताया कि अभी बाबतपुर-लखनऊ रोड पर रेलवे का ओवर ब्रिज बन रहा है। डीएम योगेश्‍वर राम मिश्र के अनुसार, ”उन लोगों ने हमसे तीन महीने के लिये ट्रैफिक डायवर्जन मांगा, काफी व्‍यस्‍त सड़क होने के बावजूद हमने वहां ज्‍यादा से ज्‍यादा मैन पॉवर लगाकर इतने लंबे वक्‍त के लिये ट्रैफिक को डायवर्ट किया है। बनारस में बहुत तेजी के साथ विकास कार्य हो रहे हैं। हम सब लोग टीम स्‍पिरिट के साथ काम कर रहे हैं।”

सेतु निगम को हम लगातार देते रहे हैं निर्देश
वाराणसी के जिलाधिकारी के अनुसार सेतु निगम को हमारी ओर से, वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से और आयुक्‍त महोदय की ओर से लगातार निर्देश निर्गत किये जाते रहे हैं कि सर्विस लेन ठीक रहे, जहां निर्माण कार्य हो रहा है वहां सिक्‍योरिटी की पूरी व्‍यवस्‍था हो। उन्‍होंने कहा कि ये समय इन सब चीजों पर टिप्‍पणी करने का नहीं है। फैक्‍ट फाइंडिंग के लिये उच्‍च स्‍तरीय जांच समिति अपना काम कर रही है, जो आने वाले दिनों में शासन को अपनी रिपोर्ट देगी।

फिलहाल प्राथमिकता में घायल लोग
डीएम ने साफ कर दिया कि बतौर जिला प्रशासक, आज की तारीख में उनकी सबसे बड़ी जिम्‍मेदारी ये है कि हादसे में जो घायल हैं उनका इलाज बेहतर ढंग से हो, उन्‍हें किसी भी प्रकार की तकलीफ ना होने पाये। डीएम योगेश्‍वर राम मिश्र ने बताया कि जितने भी मृतक थे उनका पोस्‍टमार्टम करा के हमने उनके घरों को डेड बॉडी भेज दिया है।

11 मृतकों के परिजनों को दिया मुआवजा
जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने बताया कि फ्लाईओवर दुर्घटना के 11 मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख की दर से 55 लाख तथा 10 घायलों को 2-2 लाख की दर से 20 लाख सहित कुल 75 लाख की धनराशि अब तक उपलब्ध कराया जा चुका है। शेष 4 मृतक के परिजनों एवं दो घायलों को भी शीघ्र ही सहायता धनराशि उपलब्ध करा दिया जाएगा।

सबको दे रहे हम हिदायत
डीएम के अनुसार बनारस में जो भी प्रोजेक्‍ट्स चल रहे हैं उनमें कहीं पर भी सेफ्टी से संबंधित ऐसी मुश्‍किल हालात पैदा ना हों इसके लिये बैठक करके सबको हिदायत दी गयी है।

डीटेल इंक्‍वायरी रिपोर्ट की प्रतीक्षा कीजिए
जिलाधिकारी से जब ये पूछा गया कि घटना के कारणों के पीछे आप क्‍या वजह मानते हैं तो उन्‍होंने सिर्फ इतना ही कहा कि ये अभी प्री मेच्‍योर प्रश्‍न होगा, क्‍योंकि जब इतने बड़े स्‍तर की जांच चल रही है तब इसका जवाब ना तो तकनीकि रूप से देना उचित होगा और ना ही प्रशासनिक रूप से। उन्‍होंने कहा कि हम सबको डीटेल इंक्‍वायरी रिपोर्ट की प्रतीक्षा करनी चाहिए।

चल रही है मजिस्‍ट्रीयल जांच भी
बता दें कि लखनऊ के शासन स्‍तर से उच्‍चस्‍तरीय तकनीकि जांच के अलावा वाराणसी जिला प्रशासन की ओर से भी मजिस्‍ट्रीयल जांच करायी जा रही है। अपर जिला मजिस्‍ट्रेट मनोज राय को इस हादसे के मजिस्‍ट्रीयल जांच की जिम्‍मेदारी सौंपी गयी है। इस संबंध में अपर जिला मजिस्‍ट्रेट ने जनता से घटना के संबंध में जानकारी या साक्ष्‍य देने के लिये आमंत्रित किया है। उन्‍होंने कहा है कि कलेक्‍ट्रेट स्‍थित उनके न्‍यायालय/कार्यालय में उपस्‍थित होकर 17 मई तक कोई भी साक्ष्‍यों के साथ अपना पक्ष प्रस्‍तुत कर सकता है।