Social Media

आगामी चुनावों पर रहेगा सोशल मीडिया का असर

160
Mukesh Kumar Goswami

मुकेश कुमार गोस्वामी की कलम से ✍✍✍

ब्लॉग। सोशल मीडिया जन सामान्य के जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है। हम लोग मनोरंजन से लेकर खबरों तक के लिए सोशल मीडिया पर आश्रित होते जा रहे हैं। टि्वटर, फेसबुक और व्हाट्सएप सब पर हर जगह सराफ की सामग्री को शेयर किया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर प्रचार का भी साधन बन चुका है। प्रचार चाहे किसी ब्रांड का हो मूवी का या फिर किसी पार्टी का सब सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। दुनिया भर के राजनेताओं और राष्ट्राध्यक्षों के ट्विटर पर अकाउंट है। कुछ इंस्टाग्राम पर सेलिब्रिटी बन चुके हैं। कुछ के फेसबुक अकाउंट पर कॉमेंट की बाढ़ आई रहती है। किसी के भाषण के वीडियो व्हाट्सएप पर फूड्स की तरह शेयर किये जा रहे हैं। किसी का आइडिया और विचार टि्वटर पर ट्रेंड कर रहा है।

गुजरात हाईकोर्ट

Janmanchnews.com

ये सब सोशल मीडिया नया रूप है। इसे खूब पसंद भी किया जा रहा है और ए सब बिल्कुल फ्री में हो रहा है। सस्ते इंटरनेट ने इस के रास्ते खोल दिए हैं। आदमी चुनाव में सोशल मीडिया एक बड़ा रोल आज करने वाला है। बड़ी-बड़ी राजनीतिक पार्टियों ने इसके लिए प्रोफेशनल को लगा रखा है। राजनेताओं के पर्सनल अकाउंट पर उनके द्वारा किए गए सभी कार्य का खूब प्रचार किया जा रहा है।

व्हाट्सएप पर किसी भी चुनावी रैली योजना या लोकार्पण का वीडियो बनाकर शेयर किया जा रही है। फेसबुक पर राजनीति पार्टियों के कार्य-कर्ताओं ने घूम मचा रखी हैं। अपनी-अपनी पार्टियों के समर्थन में पक्ष रखा जा रहा है। अपनी राजनीतिक पार्टियों की योजनाओं का प्रचार किया जा रहा है। सोशल मीडिया बहस का नया मंच बन चुका है।

whats app users

janmanchnews.com

किसी भी मुझे पर यहाँ खुलकर बहस होती है। सभी अपने-अपने विचार रखते है। इन विचारों का विश्लेषण करके राजनीतिक पार्टियों को अपनी भावी रणनीतियां तैयार करती है। हर योजना उसकी सफलता-असफलता के कारणों पर राय और सुझाव सोशल मीडिया पर दिऐ जा रहे हर वर्ग सोशल मीडिया पर है।

इसलिए सबकी राय एक साथ मिल जाती हैं। हल्की अभी जयादातर बहस दिशा से भटक जाती है परंतु इनमें भी समय के साथ बदलाव आएंगे। लोग सोशल मीडिया पर ज्यादा जिम्मेदार और परिपक्व बनेगा। सोशल मीडिया पर बहुत सारे मीडिया हाउस विभिन्न राजनीतिक दलों की योजनाओं क्रियाकलापों और विकास कार्यों का मूल्यांकन करने के लिए सोशल मीडिया पर सर्वे करवाया जा रहा है।

यह सर्वे पार्टियों की मदद कर सकते हैं और उनकी नीतियों में बदलाव में सहायक हो सकता है। यह सब सर्वे राजनीतिक पार्टियों को अगले चुनाव में जनता के रुझानों की जानकारी भी देती है ताकि वे सावचेत हो जाए।

सरकारें और राजनीतिक दल उनकी नीतियों और योजनाओं का आंकलन करने के लिऐ सोशल मीडिया का सहारा ले सकते हैं। ये सब कार्य फ्री में हो जाता है। इसके लिए न ज्यादा समय चाहिए होता है और न भी पैसा राजनीतिक पार्टियां प्रोफेशनल्स की मदद से अपना प्रचार कराके जनमानस की सोच में बदलाव भी ला सकते हैं।

Whatsapp

Janmanchnews.com

वे अपनी प्रचार की विधियों में नई जरूरतों के अनुसार तुरंत बदलाव भी कर सकती है। जितनी जिम्मेदारी टि्वटर, इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप कंपनियां पर इनके दुरुपयोग पर रोक लगाने की है। उससे ज्यादा जिम्मेवारी सोशल मीडिया पर सक्रिय जनता की भी है की वे सही को शेयर करें, बेवाक राय दें और समर्थक बहस पर फोकस करें ताकि कुछ सकारात्मक परिणाम सामने आ सके।