जन्मा अद्भूत बच्चा ‘कोलोडियन बेबी’ जिसे देखकर सभी डॉक्टर्स हैरान

colodean baby
Janmanchnews.com
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Mithiliesh Pathak
मिथिलेश पाठक

बहराइच। जनपद बहराइच के एक प्राइवेट नर्सिंग होम में एक अद्भुत बच्चे को जन्मा देख कर उसके परिजन ही नहीं हॉस्पिटल के डॉक्टर्स समेत जनपद के सभी डॉक्टर्स चिकित हैं नार्मल डिलीवरी से पैदा हुए बच्चे के शरीर पर चमड़े की स्किन के जगह प्लास्टिक की स्किन साफ साफ देखी जा सकती है।

बच्चे की सांसें काफी तेज चल रही हैं बच्चे को डाक्टरों की विशेष देखरेख में रखा गया है। काफी जाँच परखने के बाद जनपद के एक्सपर्ट डॉक्टर्स इसे कलोडियन बेबी बता रहे हैं। बलरामपुर की एक महिला से जन्मा ये बच्चा कौतूहल का विषय बना हुआ है। डाक्टरों का मानना है कि ऐसे बच्चे बहुत रेयर केस में होते हैं।

फिलहाल ये जनपद बहराइच के लिए ही नहीं प्रदेश के लिए भी पहला कलोडियन बेबी बताया जा रहा है। एक्सपर्ट डाक्टरों की माने तो इससे पहला बेबी अमृतसर और दूसरा बेबी नागपुर में देखा गया था। दुर्लभ किस्म के बच्चें लाखों में कहीं एक पाए जाते हैं। फिलहाल बहराइच के नर्सिंग होम में बच्चे को लाइफ सपोर्ट सिस्टम में रखा गया है। जनपद के डॉक्टरों के लिए ये कलोडीयन बेबी रिसर्च का केंद्र बना हुआ है।

बलरामपुर जनपद की अनिता देवी को प्रसव पीड़ा होने के बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे को स्थानीय चिकित्सकों ने देखने के बाद तत्काल लखनऊ ले जाने की सलाह दी। जिसके बाद बच्चे के परिजन बच्चे को लेकर बहराइच पहुँचे और महेश पॉलिक्लिनिक में भर्ती करवाया।

नर्सिंग होम पहुँचे बच्चे की शक्ल सूरत देखकर डाक्टर हैरान हो गए। कलोडीयन बेबी का इलाज कर रहे डाक्टर शिशिर अग्रवाल ने बताया कि इस तरह के बच्चे बहुत संवेदनशील शील होते हैं संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है इनके भीतर बीमारियों से लड़ने की क्षमता बहुत कम होती है इसी वजह से ऐसे बच्चे को आम बच्चों से दूर और बेहद निगरानीपूर्ण रखा जाता है ताकि इन्हें बचाया जा सके। इस तरह के बच्चों का इम्युनल सिस्टम बहुत कमजोर होता है।

अस्पताल के लाइफ सपोर्ट सिस्टम में रखा ये कलोडीयन बेबी डाक्टरों के लिए एक चैलेंज भी बना हुआ है। चूंकि इस तरह के बच्चे को बचाना पाना काफी मुश्किल का काम होता है। लेकिन फिर भी बहराइच के डॉक्टर्स इस बच्चे को बचाने की सभी जुगत में लगे हुए हैं डाक्टर शिशिर अग्रवाल ने बताया कि बच्चे की बीमारी को लेकर देश के बड़े बड़े डाक्टरों से सलाह ली जा रही है ताकि इस अद्भुत बच्चे को बचाया जा सके।

अब देखना यह है कि क्या यह बच्चा इस संघर्ष को झेलते हुए आम बच्चों की तरह जीवन जी सकेगा या नहीं। यह सारे सवाल वक़्त के साथ ही आगे उभरकर आएंगे।

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