12 साल की लम्बी प्रतीक्षा होगी खत्म, पंद्रह जून तक तैयार हो जाएगा पक्का पुल

पुल
MLA inspected the Chunar's under constructed bridge which is expected to be ready to use in June...
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पुल बन जानें के बाद क्षेत्रीय लोगों को चुनार से वाराणसी आने-जाने में बेहद आसानी हो जायेगी…

Aslam Ali
असलम अली

 

 

 

 

 

 

चुनार/सीखड़ (मिर्जापुर): सब कुछ ठीक रहा तो चुनार स्थित गंगा पर बन रहा पक्का पुल 15 जून तक बनकर तैयार हो जाएगा। निर्माण कार्य के अंतिम चरण में पहुंच चुके मेन ब्रिज की बची 42 मीटर ढलाई का काम मई के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। शेष फिनिशिंग का काम 15 जून तक पूरा होगा। मंगलवार की शाम करीब पांच बजे को पक्के पुल का निरीक्षण करने पहुंचे चुनार विधायक अनुराग सिंह पटेल को उप परियोजना प्रबंधक एके  ने यह जानकारी दी। बता दें कि चुनार गंगा पर बन रहे इस पक्के पुल के बनने के बाद सिर्फ चुनार ही नहीं आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों के लिए बनारस आना-जाना बेहद सरल व सुलभ हो जाएगा।

निर्माणाधीन पुल के मेड़िया छोर पर पहुंचे विधायक अनुराग सिंह पटेल ने पुल के ऊपर जाकर निर्माण कार्य को देखा। मौके पर 21 मीटर की शटरिंग व सरियां बांधने का काम किया जा रहा था। जिस पर अभियंता के मुताबिक तीन मई को ढलाई होनी है। इसके बाद मेन ब्रिज पर चुनार छोर की ओर बची शेष ढलाई की जाएगी।

ढलाई का काम कब तक पूरा होगा विधायक के इस सवाल पर उप परियोजना प्रबंधक ने दावे के साथ कहा कि 30 मई तक ढलाई का काम पूरा करा लिया जाएगा। मैटेरियल आदि के बारे में उन्होंने बताया कि सामग्री की कोई कमी नहीं है। ढलाई के बाद शुरू होने वाले फिनिशिंग के काम में रेलिंग पर लगाई जाने वाली पाईप आदि भी मंगा ली गई है।

निरीक्षण के दौरान नगर अध्यक्ष नंदलाल केशरी, सीखड़ अध्यक्ष रविन्द्र नारायण सिंह, पीएन सिंह कुशवाहा, बीके जौहरी, फूलगेन सिंह, अंकित पटेल, रूपेश सिंह, जयंत, मदन कुमार, विजय बहादुर बिंद आदि थे।

मिले अनुमति तो एक लेन में चल सकेंगे पैदल और दो पहिया वाहन

अनुराग सिंह द्वारा पूछा गया कि इस बरसात में क्या क्षेत्र की जनता को गंगा आर-पार करने के लिए बोट का सहारा लेना पड़ेगा। इस पर उप परियोजना प्रबंधक ने कहा कि यदि शासन से अनुमति मिल जाएगी तो अनौपचारिक रूप से क्षेत्र के दो पहिया वाहनों तथा पैदल राहगीरों को आने जाने के लिए एक लेन चालू कर दी जाएगी। बता दें कि निर्धारित तिथि के अनुसार 15 जून को पीपा पुल हटा लिया जाएगा। इसके बाद यहां नाव द्वारा घाट का संचालन पीडब्ल्यूडी द्वारा कराया जाता है।

11 साल से अधिक लग गए पुल के बनने में

प्रदेश में तीन सरकारों के बदलने के बाद भी करीब साढ़े ग्यारह वर्ष से इस पुल के पूरे होने की बाट क्षेत्र के लोग जोह रहे हैं। 13 फरवरी 2007 को 923.68 मीटर लंबे इस पुल की नींव तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने रखी थी। तब से यह पुल धीरे-धीरे बन रहा था।

एप्रोच रोड पर बाकी है लेपन का काम

पक्के पुल के दोनों ओर बनाई गई एप्रोच रोड में भी अभी लेपन का काम बाकी है। मुख्य पुल का काम सेतु निगम और एप्रोच रोड का काम पीडब्ल्यूडी द्वारा किया जा रहा है। अभी तक जो स्थिति दिखाई दे रही है उससे यह लगता है कि यदि शासन ने अनुमति दे दी तो चुनार के लोगों को गंगा पार करने के लिए नाव का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।

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