मुख्यमंत्री ने किया साहेबगंज में आयोजित माघी पूर्णिमा मेले का उद्घाटन 

CM raghuwar das
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Nilesh Prasar
निलेश पराशर
साहेबगंज। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने माघी पूर्णिमा मेले का उद्घाटन साहिबगंज के राजमहल में किया। 7 दिन चलने वाले इस मेले की आज से शुरुआत हो रही है। झारखंड सरकार ने इस मेले को राजकीय मेले का दर्जा दिया है। उत्तरवाहिनी गंगा नदी पर लगने वाले माघी पूर्णिमा मेले का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व है। माघी मेला में हजारों की तादाद में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

‘मां गंगा हमें आशीर्वाद दें कि हमारे जीवन, समाज और देश में बदलाव आए। गंगा पूजन कर मां से शक्ति मांगी है कि राज्य की गोद में पल रही गरीबी को हम खत्म कर सकें, सामाजिक संतुलन बना सकें, झारखण्ड समृद्ध राज्य लेकिन यहां के लोग गरीब हैं, गरीबी को समाप्त करना मेरा निजी लक्ष्य भी है और झारखण्ड सरकार का भी। मैंने गरीबी देखी है, गरीबी का दर्द सहा है, इसलिए गरीबों के उत्थान के लिए, उनके चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए हमारी सरकार लगाता काम कर रही है।’

मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि, मेला मुझे बेहद प्रिय है। मेला मेल- जोल का साधन है, इसमें मिठास होती है। राज्य के अलग अलग हिस्सों से आए हमारे भाइयों और बहनों के लिए ये एक मेलजोल का केंद्र है। व्यापार के दृष्टिकोण से भी मेले का महत्व है।

‘साहिबगंज माघी मेला सदियों से चला आ रहा है, आदिवासी भाई- बहन पारंपरिक तौर पर इसे मनाते हैं। आपके समाज का मुख्यमंत्री होते हुए भी इस मेले को राजकीय मेले का दर्जा नहीं मिला। हमारी सरकार ने इस मेले को विकसित करने के लिए इसे राजकीय दर्जा दिया। ये मेला धार्मिक परंपरा और संस्कृति से जुड़ा हुआ है। इसे और व्यवस्थित किया जाएगा।’

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि संथाल परगना का 70 साल में विकास नहीं हो सका, हमारे आदिवासी समाज को चिंतन करना चाहिए कि कौन उनका शोषक है, किसने उनका सालों तक शोषण किया। आपके नाम पर राजनीति करने वाले आपको गुमराह कर मतपेटी और अपनी पेटी भरते रहे और आपको भगवान भरोसे छोड़ दिया। श्री दास ने साहिबगंज में भव्य मांझी धाम बनाने का ऐलान किया।

मुख्यमंत्री श्री दास ने प्रशासन को संवेदशील होने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन को मालिक नहीं सेवक बनना चाहिए।

‘हमें ऐसा शासन नहीं चाहिए तो सोया रहे, प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करना चाहिए, संवेदनशील होना चाहिए। प्रशासन को मालिक नहीं सेवक बनना चाहिए। प्रशासन से अपील है कि आपकी वर्दी कलंकित न हो इस ओर ध्यान दें।’

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आदिवासी भाई-बहनों से अपील की कि वो जागें और अपने बच्चों को शिक्षित करें। श्री दास ने सभी भी अपील की कि  बेटा और बेटियों में फर्क न करें। कम उम्र में बच्चियों का विवाह न करें, ये उनके साथ अत्याचार है। अगर आप रुढ़िवादी परंपरा से आगे बढ़ेंगे तो दुनिया आगे बढ़ जाएगी हम देखते रह जाएंगे।

माघी मेला समारोह में श्रम मंत्री राज पलिवार, कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह, समाज कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी, सांसद विजय हांसदा, विधायक अनंत ओझा समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

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