बेटियों पर टूट रहा हैं परिवार का जुल्म

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Surendra Joshi
सुरेन्द्र कुमार जोशी
चूरू। एक तरफ जहां सरकार कहती है, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और वहीं दुसरी तरफ की जा रही हैं मारपीट। तारानगर की दो नाबालिग मासुम बेटियों पर अब दुखों का पहाड़ टुट गया है। मां और पिता की मौत के बाद अब परिवार के ही लोगों ने दोनों मासुम बहनों को प्रताड़ित कर रहे है।

मां और पिता तो अब यह दुनियां छोड़कर चले गए है। लेकिन अब ये दोनो मासुम बेटियां कहां जाए। इतना ही नही इन दोनों बेटियों पर परिवार के ही ताउ भगवती प्रसाद नरेडा और ताई संतोष देवी जुल्म ढहा रहें है ।

इसके आलावा दोनों  के साथ मारपीट कर गाली ग्लोच करते है तथा टॉर्चर भी करते है। परिवार के लोगों से परेशान होकर परिवार के लोगों के ताने सुनकर अब इन दोनो बेटियों के पास कोई उपाय नही रहा। तो ये दोनों ने अब अपने घर को छोड़कर अपने रिश्ते में चाचा संजय महर्षि के घर पहुच गई ओर अपनी आपबीती जब चाचा ओर चाची को सुनाई तो दोनो की आंखे भर आया ।

 दोनो बेटियों की बाते सुनकर चाचा और चाची फुट फुट कर रोई। जब ये दोनों बेटीयां अपने चाचा के घर पहुंची तो उसके बाद भी इन जालिमों ने दोनो बेटीयो का पिछा नही छोड़ा ओर संजय को फोन कर दोनो बेटियों को यहां से निकालने देने को कहां ओर यहां से नही निकालने पर अंजाम भुगतने व जान से मारने की धमकी दी है।

इतना घटनाक्रम होने के बाद भी यह दोनो बेटियां पालिका वित्समिति अध्यक्ष राकेश जांगिड़ के पास पहुंच आप बीती सुनाई जांगिड़ बच्चीयों को लेकर एसडीएम मीनु वर्मा  के पास पहुंचे ओर बच्चियों ने एसडीएम को आपबीती सुनाई दोनो की आप बिती सुनने के बाद एसडीएम ने तारानगर पुलिस को हर समय इन दोनो बेटियों की मदद करने को कहां तथा उचित कारवाई करने को कहां है।

देखते ही देखते मोके पर राकेश जांगिड़ सहित विभिन्न समाजिक संगठनो के पदाधिकारी भी एसडीएम आॅफिस पहुच गए है और दोनों बेटियों की हर संभव पढाई से लेकर शादी करने तक का जिम्मा भी उठा लिया है। लेकिन दोनों बेटियों के ताउ और ताई पिछा नही छोड़ रहे है। वही ये दोनों बेटीयां अपने चाचा ओर चाची के साथ रहने को बोल रही है। लेकिन पुलिस ने दोनों बेटियों को बाल कल्याण समिति को सुपुर्द कर दिया है।

रामगढ़ निवासी नाबालिग मासूम के अनुसार उनकी माता का देहांत 2012 में व पिता का देहांत 2015 में हो गया उसके बाद वो दोनों बहनें लक्ष्मी व ममता जिनमें बड़ी बहन की उम्र 16 वर्ष व छोटी बहन 11 वर्ष अपने ताऊ के पास रहने लगी। जहां पर ताऊ व दोनों बहनों को प्रताड़ित करने लगे।  मारपीट गालियों से परेशान दोनों बहनें 2 अगस्त को अपने ताऊ को बिना बताये तारानगर में अपने रिश्ते में चाचा संजय महर्षि के घर पहुंची।

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