उलझी टिकटों की दावेदारी को लेकर दावेदारों की धड़कने हुई और भी तेज

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janmanchnews.com
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इंदौर। मध्य प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के कारण भाजपा की उलझी हुई टिकटें सुलझ नहीं रही।

आपको बता दूं कि भाजपा द्वारा जारी प्रत्याशियों की सूची में अभी तक इंदौर से एक भी प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की गई है। कैलाश विजयवर्गीय और सुमित्रा महाजन के आपसी मनमुटाव को लेकर अभी तक पार्टी हाईकमान ने आधिकारिक रूप से इंदौर के किसी भी विधानसभा प्रत्याशी पर मुहर नहीं लगाई है।

वहीं टिकट विवाद को लेकर नाराज़ चल रहे लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को मनाने भाजपा के केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सोमवार को इंदौर आए। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सुमित्रा महाजन के घर पहुंच सुमित्रा महाजन से तकरीबन घंटों चर्चा किए।

सूत्रों के अनुसार सुमित्रा महाजन ने बताई कि पिछले 15 वर्षों से मैं अपने पुत्र एवं बहु के लिए पार्टी से टिकट मांग रही हूं, लेकिन इस बार किसी भी कीमत पर टिकट चाहिए।

आपको बता दूं कि अगर सुमित्रा महाजन के पुत्र को टिकट दिया जाता है तो भाजपा के कई अन्य दिग्गज नेता भी अपने पुत्रों को टिकट दिलवाने की आश में है। यही कारण है कि भाजपा इस मामले में कोई ठोस निर्णय नहीं ले पा रही है।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा द्वारा अभी तक दो सूची जारी कर दी गई है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 9 नवंबर है, इस लिहाज से अटकी हुई टिकटों के दावेदारों की धड़कने और भी तेज होती जा रही है।

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