अमरमणि त्रिपाठी

जनता दरबार में योगी नें लताड़ा फरियादी को, मुँह पर मारा प्रार्थना पत्र, कहा– नही होगी कोई कार्रवाई

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लखनऊ के आयुष सिंघल नें बताया कि उसकी अलीगंज स्थित 22 एकड़ जमीन पर अमरमणि त्रिपाठी के पुत्र अमनमणि नें गुंडई व दबंगई के बल पर कब्जा कर रखा है, जिसकी शिकायत वह सीएम से करने आया था…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

 

गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गोरखपुर के जनता दरबार में लखनऊ से आया एक फरियादी आयुष सिंघल फूट-फूट कर रोने लगा। योगी आदित्यनाथ से मिलकर जैसे ही आयुष बाहर आया बेसाख़्ता रोने लगा। आयुष का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी ने उसके प्रार्थना पत्र को उठाकर फेंक दिया और उसके पत्र पर कभी भी कोई कार्रवाई नहीं करने की बात कही है।

आयुष ने 5 साल पहले लखनऊ के अलीगंज में 22 एकड़ की अरबों की जमीन खरीदी थी पर इसकी ज़मीन पर पूर्व बाहुबली मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के विधायक बेटे अमन मणि त्रिपाठी ने कब्जा कर लिया है और अपने गुंडों के द्वारा इनको बेदखल करा दिया है।

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जमीन को खाली कराने के लिए वह पिछली सरकार से लेकर इस सरकार तक भटक रहा है पर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आज योगी से भी फटकार पाकर यह हताश हैं कि अब वह किसका दरवाजा खटखटायेगा, किसके दरबार में हाजिरी लगाये कि उसे इंसाफ मिल जाये।

व्यापारी आयुष का आरोप है कि अमरमणि त्रिपाठी और उनके बेटे अमनमणि त्रिपाठी ने उनकी अलीगंज स्थित 22 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। साल 2012 में आयुष ने इस जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। गोरखपुर में जनता दरबार में जब उन्होंने यह पूरा मामला सीएम योगी आदित्यनाथ को बताना शुरू किया, तो वह पीड़ित पर ही भड़क उठे।

आरोप है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने आयुष की पूरी बात सुनने के बजाए फाइल फेंककर कोई कार्रवाई नहीं होने की बात कह दी। आयुष ने इससे पहले भी सीएम से जनता दरबार में अपनी फरियाद लेकर मिल चुके हैं। सीएम ने लखनऊ एसएसपी को जांच के आदेश दिए थे, लेकिन एक महीने बाद भी केस में उचित कार्रवाई नहीं होने पर वह फिर सीएम से मिलने पहुंचे थे।