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नाबालिग की हत्या के मामले में आरोपी को न्यायालय ने सुनाई फांसी की सजा

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Rajnish

रजनीश

गोपालगंज। मांझागढ़ थाने के पिपरा गांव की एक किशोरी का अपहरण करीब डेढ़ वर्ष पूर्व कर गुजरात के बड़ोदरा ले जाकर दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने के मामले में दोषी पाते हुए एडीजे प्रथम भरत तिवारी की कोर्ट ने एक आरोपित को फांसी को सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपित को जेल भेज दिया गया। आरोपित मांझा थाने के कर्णपुरा गांव का रहने वाला है, जिसका नाम अजीत कुमार बताया गया है।

आपको बता दें कि मांझागढ़ थाने के पिपरा गांव की एक किशोरी का 9 मार्च 2017 को अपहरण कर लिया गया था। जब वह अपनी दो अन्य बहनों के साथ सो रही थी। अभी परिवार के लोग उसकी खोजबीन कर ही रहे थे, कि मांझा थाने की पुलिस ने 20 अप्रैल को सूचना दी कि गुजरात के बड़ोदरा जिले के मकरपुरा थाना क्षेत्र में नाबालिग का जला हुआ शव बरामद किया गया है।

इस सूचना के बाद किशोरी के पिता बड़ोदरा पहुंचे। जहां किशोरी के पिता द्वारा पुत्री का पहचान के उपरांत शव सुपुर्द किया गया। तत्पश्चात इस मामले में मांझा थाने में कांड संख्या 67/2017 दर्ज हुआ था, जिसमे मांझागढ़ थाने के कर्णपुरा गांव के अजीत कुमार को नामजद आरोपित बनाया गया। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

इस मामले में आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्य के आलोक में न्यायालय ने आरोपित अजीत कुमार को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है।