Lake Matsyagandha

कोसी क्षेत्र के मशहूर झील मत्स्यगंधा झील बना गाय का चारा स्थल

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Sarfaraz Alam

मोहम्मद सरफ़राज़ आलम

सहरसा। जिले के मशहूर स्थल मत्स्यगंधा झील में इन दिनों गाय का चारा बना हुआ है। कुछ महीने पहले इन ही मत्स्यगंधा झीलों में पूर्व जिला पदाधिकारी बिनोद सिंह गुंजियाल के नतृव में मत्स्यगंधा झीलों में नौकायन शुरु किया गया था। परंतु कुछ ही दिनों बाद जिला प्रशासन के अनदेखी के कारण अब मत्स्यगंधा झील मवेशी यान  बन गया है।

बताते चलें कि कोशी क्षेत्र के ये मशहूर मत्स्यगंधा झील है। जहां दूर-दूर से लोग यहां घूमने आते है। लेकिन मत्स्यगंधा में पानी नही रहने के कारण नाव को बंद कर दिया गया। जिस कारण लोग सब घूमने तो आते है लेकिन झील को देखते ही घर वापस निराश होकर लौटना पड़ता है।

बताते चलें कि मुख्यमंत्री जब भी सहरसा आते हैं तो कुछ पलों के लिए जरूर मत्स्यगंधा मंदिर में भ्रमण करते हैं। जब ऐसी स्थिति मुख्यमंत्री भ्रमण करने वाली जगह पर है तो स्थिति आप खुद समझ सकते हैं। किस तरह लापरवाह प्रशासन दिख रही है।

वहीं इस झील पर किसी जिला प्रशासन की कोई  नजर नही पड़ती है। जिस कारण आज मत्स्यगंधा राजस्थान के रेगिस्तान में तब्दील होते दिख रहा है। 

वहीं हर साल की भांति इस साल भी मेला का आयोजन किया गया है। लेकिन इस बार मेला में दुकान लगाने वाले दुकानदार इस बार जिला प्रशासन पे नाराजगी जताई है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष एक दिसंबर को मेला शुरू कर दिया जाता है। लेकिन इस वर्ष काफी देर से मेला का सुभारम्भ किया जा रहा है। जिस कारण सभी दुकानदारों को काफी घाटा का सामना करना पर रह है।