former mayor sameer kumar

पूर्व मेयर के हत्या के बाद बिहार में कानून व्यवस्था पर उठ रहे हैं बड़े सवाल

122

कृष्ण चंद्र तिवारी की रिपोर्ट-

मोतिहारी। उत्तर बिहार की अघोषित राजधानी मुजफ्फरपुर में सरेआम अपराधियों एके -47 से हमला करके मुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर समीर कुमार व उनके चालक की हत्या कर बिहार पुलिस को चुनौती दे डाली है। समीर मुजफ्फरपुर की बड़ी हस्तियों में से एक माने जाते थे। जो 2002 से 2007 तक शहर के मेयर रहने रह चुके थे।

राजनीतिक रूप साफ सुथरी दामन रखने वाले समीर सवर्ण समाज के हितों व अन्य समाज के भी बीच खासे लोकप्रिय थे। जो मुजफ्फरपुर में प्रोपर्टी डिलींग के साथ राजनीति में सक्रिय थे। भाजपा से कैरियर की शुरूआत करने वाले अब कांग्रेस में अच्छी पकड़ बनाकर 2019 का चुनाव कांग्रेस पर टिकट पर चुनाव लड़ना चाह रहे थे।

सूत्रों बताते है, टिकट को लेकर आलाकमान से लगभग हरी झंडी मिल चुकी थी। तुरंत वे कांग्रेस ज्वाईन करने वाले थे। इधर कुछ समय से सोशल मिडिया में भाजपा व जदयू को निशाने पर भी ले रहे थे। इसके अलावे उनका शहर में अपना व्यवसाय भी है। जो मूलरूप से वैशाली जिले के रहने वाले थे। जो मुजफ्फरपुर शहर में काफी अरसे से घर बनाकर रहते थे।

घटना को लेकर मुजफ्फरपुर पुलिस पड़ताल शुरू कर दी है। जानकार बता रहे हैं कि समीर कुमार ने अपने इस पेशे के अन्य साझेदारों के साथ मिलकर हाल ही में मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित पटियासा में सौ एकड़ जमीन खरीदी थी। समीर कुमार ने यह जमीन डील करोड़ों में सहारा इंडिया से की थी। बड़ी लागत वाली इस जमीन पर कई दूसरे ताकतवर लोगों की भी नज़र थी।

लेकिन समीर कुमार ने डील फाइनल कर बाजी मार ली थी। जानकार बता रहे कि इस जमीन की खरीद के बाद समीर कई विरोधियों के निशाने पर थे। मुजफ्फरपुर के कल्याणी में एक अन्य जमीन को लेकर समीर कुमार की अदावत उत्तर बिहार के एक नामी अपराधी गिरोह के सरगना से चल रही थी। पुलिस की जांच फिलहाल इन्हीं बिंदुओं पर आगे बढ़ रही है। मामले की गुत्थी सुलझाने में मुजफ्फरपुर की एसपी हरप्रीत कौर जुट गयी है।

ईधर राजधानी पटना समेत उत्तर बिहार में अत्याधुनिक हथियारों खास कर एके 47 गरजने को लेकर मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने सरकार को कानून व्यवस्था को नियंत्रित करने में विफल बताया है। कहा है कि बिहार कानून का राज नहीं बल्कि एके -47 का राज कायम हो गया है।

इसी तरह पूर्व सीएम सह हिन्दुस्तानी आवामी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी कानून के राज पर सवाल उठाया है। जबकि केंद्रीय मंत्री व रालोसपा प्रमुख एनडीए के साझेदार ने ट्वीट कर सवाल उठाये है।