दालमंडी में सुरंग मिलनें की अफवाह फैलानें की दोषी मीडिया, व्यापारी-पुलिस व वीडीए पाक साफ़

Dalmandi Protest
Businessmen at Dalmandi Protest for tarnishing their reputation over Illegal Underground Market issue...
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अवैध रूप से बनारस के दालमंडी में बन रही भूमिगत मार्केट या पार्किग को सुरंग का नाम देने से भड़का व्यापारियों का गुस्सा…

Shabab Khan
शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 


वाराणसी: दालमंडी में बिना वीडीए की परमिशन के भूमिगत मार्केट या पार्किग को सुरंग का नाम देने से यहां के व्‍यापारियों में गुस्‍सा और दु:ख है। कारोबारी पुलिस प्रशासन को छोड़ मीडिया के सर सारे आरोप मढ़ते नजर आये।

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सुरंग की अफवाह से क्षुब्द व्‍यापारियों ने इसे लेकर गुरुवार को अपनी-अपनी दुकानें बंदकर वाराणसी विकास प्राधिकरण के अफसरों के सामने जमकर हंगामा किया। इधर वाराणसी पुलिस प्रशासन की ओर से भी गुरुवार को दालमंडी में लाऊडस्पीकर से इस बाबत स्‍थिति स्‍पष्‍ट कर दी कि दालमंडी में उन्‍हें किसी प्रकार की कोई सुरंग या गुफा नहीं मिली है।

इसके बाद सारे दोष मीडिया के सर फोड़े जाने लगे। अाज जब हमनें दालमंडी बाजार में जाना चाहा तो जान पहचान के व्यवसायियों नें हमें फिलहाल अंदर न जानें की सलाह दी। कहा कि ‘कारोबारी मीडिया पर गुस्साए हैं।’

एक दिन पहले बुधवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण ने उस भवन को सील करने की कार्रवाई की थी, जिसके भीतर जमीन के नीचे काफी बड़े हिस्‍से में अवैध निर्माण हो रहा था। इसके बाद गुरुवार को एक बार फिर वाराणसी विकास प्राधिकरण की टीम ने दालमंडी का रुख किया। इससे व्‍यापारी नाराज हो गये और अपनी-अपनी दुकानें बंदकर नारेबाजी करने लगे, जिसे वहां मौजूद वीडीए और पुलिस के अधिकारियों ने समझा-बुझाकर शांत कराया।

सीओ दशाश्‍वमेध स्‍नेहा तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इस प्रकरण से व्‍यापारी दु:खी हैं। दालमंडी के व्‍यापारी नेता जल्‍द ही एक मीटिंग करेंगे और उसके बाद मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखेंगे, जिससे किसी प्रकार का भ्रम जनता में ना फैले।

सीओ दशाश्‍वमेध के अनुसार पुलिस और वीडीए की टीम ने बुधवार को ही पूरे भवन को इन्‍वेस्‍टिगेट किया था। आठ हजार स्‍वायरफीट में निर्माण चल रहा था। इस निर्माण की वीडीए से औपचारिक रूप से अनुमति नहीं ली गई थी, इसके कारण वीडीए ने इसे सील कर दिया।

दालमंडी
Unauthorized Underground Market in Dalmandi has been sealed by VDA…

पुलिस अधिकारी ने बताया कि वीडीए की टीम इस इलाके में अभी भी ऐसे अवैध निर्माणों की तलाश कर रही है। गलत कार्यों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

सीओ दशाश्‍वमेध ने ये स्‍पष्‍ट किया कि वहां कोई टनल, गुफा या सुरंग जैसी चीज स्‍थलीय निरीक्षण में नहीं मिली है। ऐसा बताया गया कि उस स्‍थान का इस्‍तेमाल वे लोग पार्किंग या अन्‍य कार्यों के लिए करेंगे, लेकिन इसकी इजाजत नहीं ली गई थी।

सीओ दशााश्‍वमेध स्‍नेहा तिवारी ने बताया कि आज लोग ना तो वीडीए की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे और ना ही पुलिस की कार्रवाई का। दालमंडी के व्‍यापारी ये चाहते हैं कि हमारे मार्केट को लेकर गलत मैसेज जनता के बीच में ना जाए।

उल्लेखनीय है कि कई समाचार पत्रों व इलेक्ट्रानिक चैनलों नें भूमिगत मार्केट को सुरंग का नाम देकर अतिसंवेदनशील काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा से जोड़ दिया था, जिससे आम जन-मानस में यह गलत मैसेज जा रहा था कि दालमंडी के व्यवसायी एकजुट होकर किसी खास मकसद से सुरंग का निर्माण करा हैं, जबकि सच्चाई मात्र इतनी सी है कि अंडरग्रांउड निर्माण से पहले वीडीए से परमिशन नही ली गई थी।

एक दिन पहले तक यह पूरा मामला पुलिस को अांतरिक सुरक्षा में सेंध लगानें जैसा लग रहा था, इसे सुरक्षा में बड़ी चूक मानकर कई अधिकारी सस्पेंड हो गये। पुलिस नें भी इस मामले में 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर 2 को अरेस्ट कर लिया। लेकिन व्यापारियों का गुस्सा देखते ही प्रशासन नें सारा दोष मीडिया के सर फोड़कर व्यापारियों को सलाह तक दे डाली की वो मीडिया पर मानहानि का दावा कर सकते है जिसमें वाराणसी पुलिस उनका पूरा सहयोग करेगी।

यानि वाराणसी पुलिस नें समाज का अाईना कहे जाने वाली मीडिया को ‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दिवाना’ के तर्ज पर हमे ‘अब्दुल्ला’ बना डाला।

shabab@janmanchnews.com

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