मौन जुलूस

आश्रय घरों में बच्चों के साथ अत्याचार हुए और सरकारें सोती रही, ये कैसा विकास: जबीं शम्स निजामी

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sanjeev dubey

संजीव दूबे की रिपोर्ट,

दिल्ली। “समाधान अभियान” के बैनर तले हाथों में नारे की तख्तियां लिये काफी संख्या में महिला एवं पुरुषों ने पैदल मार्च किया। यह मार्च मुजफ्फपुर सहित भारत के कई आश्रय घरों में यौन अपराधों की बढ़ती घटनाओं के खिलाफ इंडिया गेट के पास एक मौन विरोध जुलूस निकाला गया।

“समाधान अभियान” के निदेशक अर्चना अग्निहोत्री ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक आश्रय घरों में पूर्ण सुरक्षा के लिए एक सतत एवं स्थायी निवारण नहीं मिल जाता है।

जुलूस में शामिल नेहवा (सामाजिक संगठन) की अध्यक्ष जबीं शम्स निजामी ने कहा कि सरकार की नाक के नीचे आश्रय घरों में बच्चों के साथ अत्याचार होते रहे और सरकारें सोती रही, ये कैसा विकास है?

इस जुलूस में संगठन की ओर से जयदीप मिश्रा, नितिका जैन, नम्रता, सुजाता, प्रीति अग्रवाल सहित काफी संख्या में महिला एवं पुरुष शामिल हुए।