supreme court of india

जनरल कोटा बिल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल, किया बिल पर रोक लगाने की मांग

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नई दिल्ली। एक बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा के बाद बुधवार को जनरल कोटा बिल राज्यसभा में भी पास हो गया। जिसके बाद अब सरकार के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गयी।

दरअसल, मिली जानकारी के मुताबिक ‘यूथ फॉर इक्वलिटी’ के नाम के एक संगठन ने इस मामले पर पेश किये गए जनरल कोटा बिल को चुनौती दी है।

इस मामले को लेकर ‘यूथ फॉर इक्वलिटी’ का कहना है कि संविधान की मूल भावना के खिलाफ है और आरक्षण के लिए आर्थिक आधार एकमात्र कारण नहीं हो सकता।

वहीं सुप्रीम कोर्ट में बिल चुनौती देने में वाले इस याचिका में लिखा गया है कि इस बिल के अनुसार संविधान के आर्टिकल 15(6) और 16(6) में संशोधन किया जाना है।

इसके बाद सरकार समाज में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को इस आधार पर आरक्षण देने के लिए विशेष प्रावधान लागू कर सकेगी। उनका कहना है कि इसमें जिन चार धाराओं को जोड़ा गया है, वे संविधान के एक या एक से अधिक विशेषताओं का उल्लंघन करते हैं। 

इतना ही उन्होंने आगे कहा कि साल 1992 के इंदिरा साहनी वर्सेस भारत सरकार केस में सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि सिर्फ आर्थिक कारण ही आरक्षण का एकमात्र आधार नहीं हो सकता है।