नर्मदा नदी पर बना पुल पर कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, कोई नहीं सुध लेने वाला

narmda river pool
Janmanchnews.com
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Anil Upadhyay
अनिल उपाध्याय

देवास। राष्ट्रीय राजमार्ग 59 ए पर वर्ष 1976 में देवास एवं हरदा जिले को जोड़ने के लिए नर्मदा नदी पर पुल का निर्माण कराया गया था। तब इसकी उम्र औसतन 20 से 25 वर्ष आंकी गई थी। लेकिन 36 वर्ष बीतने के बाद भी इस पुल की मरम्मत करने के लिए कोई सार्थक प्रयास नहीं किए गए। जो इसी बात की परिणति रही की नर्मदा घाट हंडिया और नेमावर को जोड़ने वाले इस पुल पर बुधवार को एक बड़ा गड्डा हो गया।

जिसके चलते फिलहाल मार्ग को बंद कर दिया गया है। पुल के क्षतिग्रस्त होने की सुचना मिलते ही हंडिया थाना प्रभारी और नेमावर थाना प्रभारी के साथ ही एसडीओपी शेरसिंह भूरिया SDM जीवन सिंह रजक थाना प्रभारी तहजीब काजी ने मौक़ा मुआयना कर पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है। वहीं यात्री बसों और छोटे वाहनों को पुल के दूसरी और से धीरे धीरे निकाला जा रहा है।

रेत के डंपर है पुल की दुर्दशा का कारण…

अवैध और वेध रूप से बड़े पैमाने पर नर्मदा नदी की रेत बेचने का कार्य लम्बे समय से किया जा रहा है। 50-50 टन से अधिक रेत भरकर इस पुल से दिन-रात डंपरों का आगमन होता रहता है जबकि इसे बनाया गया था तब उसकी क्षमता ही इतनी नहीं रखी गई थी कि यह इतना भार सहन कर पाएगा। बरसों पुराने इस पुल पर बिना रोक-टोक के क्षमता से अधिक परिवहन का कार्य किए जाने से पुल की हालत बहुत अधिक खराब हो चुकी है।

नहीं है इसका कोई देखरेख करने वाला…

देवास जिले और हरदा जिले की सीमा के मध्य नर्मदा नदी पर स्थित होने के कारण और इस पुल से टोल टैक्स या अन्य रूप से कोई आए नहीं होने से दोनों जिले के आला अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं देते हैं। जबकि दोनों ही जिले वासियों के लिए यह पुल एक महत्वपूर्ण आवागमन का साधन है, यदि यह पुल टूट गया तो वर्षों आवागमन ठप पड़ सकता है।

34 वर्ष पूर्व हुआ था, पल पर आवागमन शुरू…

उल्लेखनीय है की उक्त पुल उद्घाटन लगभग 34 वर्ष पूर्व 1984 में किया गया था। 24 मीटर ऊँचा और 697 मीटर से अधिक लम्बाई वाले इस पुल पर प्रतिदिन 3000 से अधिक भारी और छोटे वाहन निकलते है। कई स्थानों से जर्जर हो चुका नर्मदा पुल से हरदा इंदौर, देवास, भोपाल को महाराष्ट्र को सीधे जोड़ता है। उक्त पुल पर बनी रेलिंग भी कई जगहों गिर चुकी है। जिन्हें बाद में सुधारा भी गया है, वहीं लगभग 12 वर्ष पूर्व भी पुल पर गड्डा हो गया था जिसके चलते 1 माह से अधिक समय तक उक्त मार्ग बाधित रहा था।

गौरतलब है की अगले कुछ एक सप्ताह में मानसून के आने के आसार है, जिससे हादसों की आशंका बलवती हो जाती है। लगभग 24 मीटर ऊंचे इस पुल से दिन-रात वाहन गुजरते हैं। इनमें डंपर सहित बड़े ट्रक और अन्य वाहन शामिल हैं। एक आकलन के मुताबिक इस पुल से रोजाना 3000 से अधिक बड़े और छोटे वाहन रोजाना गुजरते हैं। समय के साथ यह संख्या बढ़ती जा रही है। इसके बावजूद पुल की देखरेख और मरम्मत पर एनएचआई का ध्यान नहीं है।

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