mayawati and rahul gandhi

मध्यप्रदेश चुनाव: कांग्रेस-बसपा का गठबंधन होना तय, खातेगांव विधानसभा सीट बसपा के खाते में जा सकती है

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Anil Upadhyay

अनिल उपाध्याय

देवास। भाजपा के खिलाफ गठबंधन को मिल रही कामयाबी से उत्साहित मध्यप्रदेश में भी अब कांग्रेस-बसपा गठबंधन की सुगबुगाहट शुरु हो गई।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने गठबंधन की संभावना जताई है। वहीं बसपा कांग्रेस के साथ राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन चाहती है। अगर मध्य प्रदेश में कांग्रेस बसपा के बीच गठबंधन होता है तो, संभावना जताई जा रही है की खातेगांव विधानसभा सीट बसपा के खाते में जा सकती है।
अगर मध्य प्रदेश में कांग्रेस बसपा के बीच गठबंधन होता है तो उन सीटों पर गठबंधन किया जाएगा, जो उत्तर प्रदेश सीमा से लगे जिलों में आती है और जहां बसपा का सर्वाधिक प्रभाव है।

साथ ही कांग्रेस चाहती है कि उन सीटों पर भी गठबंधन हो जहां से कांग्रेस लंबे समय से चुनाव हारती आ रही, ऐसी स्थिति में राजनीतिक हल्को में यह बात उभरकर सामने आई है, कि देवास जिले की खातेगांव विधानसभा सीट भी बसपा के खाते में जा सकती है। गठबंधन को लेकर दोनों ही दलों के बीच दो दोर की बातचीत भी हो चुकी है, अब देखना यह है कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव में बसपा के साथ कितनी सीटें बांटती है।

2,000 से कम वोट से हारने वाले कांग्रेस उम्मीदवार…

दो अपवादों को छोड़ दे तो कांग्रेस हमेशा यहां 2,000 से अधिक वोटों से ही पराजित हुई है यहां 2,000 से कम वोटों से पराजित होने वालों में कांग्रेस के नारायण चौधरी एवं श्रीमती राजकुमारी कुण्डल का नाम है, कम वोटों से पराजित हुए थे यदि इन दोनों चुनाव में कांग्रेस एकजुट होकर चुनाव लड़ती तो संभावना थी, कि यहां कांग्रेस उम्मीदवार जीत का परचम लहरा सकता था।

इस विधानसभा सीट पर हमेशा कांग्रेस कांग्रेस से पराजित हुई है। यह स्थिति लंबे समय से इस विधानसभा सीट पर बनी हुई है। इस बार भी खातेगांव विधानसभा सीट पर 1 दर्जन से अधिक कांग्रेस के नेता अपनी उम्मीदवारी जता रहे हैं।

बसपा नेता का दावा यदि उन्हें सीट मिलती है तो जीत तय है…

बसपा के वरिष्ठ नेता रामदयाल वर्मा ने दावा किया है कि यदि मध्यप्रदेश में कांग्रेस और बसपा का गठबंधन होता है और खातेगांव विधानसभा सीट यदि बसपा के खाते में आती है तो यहां से बसपा की जीत सुनिश्चित।