दहेज हत्या के आरोपी पति, सास और ससुर को उम्रकैद, 25-25 हजार का अर्थदंड

कैदी
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कांटाफोड़ में करीब 5 वर्ष पहले हुई थी, विवाहिता की हत्या…

Anil Upadhyay
अनिल उपाध्याय

देवास। देवास जिले के कांटाफोड़ नगर में करीब 5 वर्ष पहले हुई विवाहिता की हत्या के मामले में कन्नौद कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाया,
आरोपित पति, सास और ससुर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 25 -25 हजार  रुपए का अर्थदंड भी दिए।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक घटना 6 फरवरी 2013 की है…

विवाहिता आशा बाई की शादी आरोपित हरीश निवासी कांटा फोड़ से 2 फरवरी 2012 को हुई थी। शादी के दो-तीन माह तक आशा को उसके ससुराल वालों ने अच्छे से रखा था लेकिन उसके बाद मैं आशा को उसका पति हरीश, सास तेजूबाई, ससुर शंकरलाल एवं ननंद शकुंतला बाई चार लाख रुपए नगद 2 तोला सोने की चेन एवं बाईक की मांग करने लगे।

इसी बात को लेकर विवाहिता के साथ मारपीट कर प्रताड़ित करने लगे। यह बात आशा बाई (35) वो महिदपुर में उनके मायके वालों से मिलने पर उनको बताई थी। उसके पिता ने 50 हजार रुपए एवं 30 हजार रूपए  दो बार दामाद को दिए और समझाया, घटना दिन 6 फरवरी 2013 को दिन में आशा ने फोन कर मां को बताया कि ससुराल वाले दहेज के पैसे सोने की चैनल ओर बाइक को लेकर उसके साथ मारपीट कर रहे हैं!मां ने उसे फोन पर आने को कहा लेकिन उसी दिन शाम करीब छह-सात बजे आशा के ससुर शंकरलाल ने फोन से आशा के पिता कचरु लाल को बताया  की आशा को अटैक आया है।

जिस पर आशा के मायके वाले रात 2:00 बजे कांटा फोड़ पहुंचें। आशा की लाश कमरे में रखी थी और चादर उड़ा रखी थी। अंतिम संस्कार के पूर्व आशा के मायके की महिलाओं ने उसे नहलाते समय आशा के गले पर चोट के निशान देखे तो उन्होंने परिवार के साथ आए पुरुषों को यह बात बताई।

परिवार वालों ने कांटाफोड़ थाने पर जाकर रिपोर्ट लिखवाई इस पर जांच के बाद एस डी ओ पी कन्नौद प्रताप सिंह राणावत ने उक्त आरोपितों तथा मृतक की ननंद शकुंतला बाई पति नरेंद्र जगताप निवासी कांटाफोड़ के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर चालान कोर्ट में पेश किया।

अपर सत्र न्यायाधीश नीता गुप्ता ने सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए आरोपित हरीश पिता शंकरलाल ( 29) शंकर लाल पिता बंशीलाल( 56) तेजू भाई पति शंकरलाल ( 50) को मामले में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 25- 25 हजार रूपए का अर्थदंड भी दिया।

मृतका की ननंद आरोपी शकुंतला बाई को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया। अभियोजन की ओर से पैरवी शासकीय अभिभाषक दिनेश चंद्र तिवारी ने की कोर्ट मोहर्रिर अशोक शर्मा का विशेष सहयोग रहा।

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