अजीब मामला: जब एक शादीशुदा औरत ने पति और माता-पिता दोनों के घर जाने से कर दिया इंकार

rape victim
Demo Photo
Share this news...
Anil Upadhyay
अनिल उपाध्याय

देवास। सर में कहां जाऊं मुझे कोई भी रास्ता नहीं दिख रहा है, आप ही कोई रास्ता बताएं। महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी के कार्यालय में एक महिला की यह बात सुनकर परियोजना अधिकारी राम प्रवेश तिवारी भी सोच में डूब गए कि आखिर इस महिला की किस प्रकार मदद की जाए।

तब उन्होंने महिला से विस्तार से पूछा कि आप अपनी व्यथा मुझे बताएं। आखिर आपके साथ हुआ क्या, तब पीड़िता ने परियोजना अधिकारी को बताया कि उसका नाम आरती, पति चेतन, निवासी ग्राम रानीपुरा, तहसील नसरुल्लागंज, जिला सीहोर व वर्तमान में उसके माता रुकमणी, पिता नर्मदा प्रसाद के साथ ग्राम हरणगांव में रहती हैं।

हरणगांव में रहने के दौरान उसके साथ गांव के ही साबिर ने उसका पीछा कर बुरी नियत से उसके घर में घुसकर डराने-धमकाने लगा और गाली-गलौच कर उसे जान से मारने की धोस दी। उसके चिल्लाने पर साबिर भाग गया। जिसकी रिपोर्ट उसने खातेगांव पुलिस थाने पर की थी जहां अपराध क्रमांक 528/ 18 धारा 452, 354, 294, 506 भारतीय दंड विधान एवं 3 (2) STSC के तहत मामला दर्ज किया था।

पीड़िता आरती ने यह भी बताया कि उसका पति चेतन पिता नर्मदा प्रसाद जो रानीपुरा तहसील नसरुल्लागंज जिला सीहोर में रहता है। वह उसके पास नहीं जाना चाहती है क्योंकि उसका पति शराब, गांजा पीता है। वह मारपीट करता है और मां रुक्मणी पिता नर्मदा प्रसाद उसे अब अपने साथ नहीं रखना चाहते हैं। उसके सामने गंभीर समस्या आ गई है।

परियोजना अधिकारी तिवारी ने उसकी बात को गंभीरता से सुनने के बाद जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी से चर्चा कर पुलिस थाना खातेगांव को महिला को वन स्टॉप सेंटर में रखने के संबंध में पत्र लिखा और उसे पर्यवेक्षकों द्वारा पुलिस अभिरक्षा हेतु थाने भेजा गया। अब महिला 2 दिन तक वन स्टॉप सेंटर में रहेगी उसके बाद उसे नारी निकेतन भेज दिया जाएगा।

Share this news...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फॉलो करें।