हर्ष फायरिंग रोकने के सम्बन्ध में डीजीपी ने जारी किया दिशा-निर्देश

फायरिंग
Joy Firing has been taken seriously by UP DGP, issued guidelines...
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शादी-विवाह में अस्त्र-शस्त्र का गलत प्रयोग करने पर शस्त्र अधिनियम की धारा 30 के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कर धारा-17 के अन्तर्गत शस्त्र निरस्तीकरण की कार्यवाही की जायेगी…

दयानंद तिवारी
दयानंद तिवारी

 

 

 

 

 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने जनपद लखीमपुर खीरी में घटित हर्ष फायरिंग की घटना के उपरान्त प्रदेश के समस्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक को हर्ष फायरिंग रोकने हेतु निर्देश जारी किये हैं।

जारी दिशा निर्देश में पुलिस महानिदेशक ने कहा कि हर्ष फायरिंग रोकने के सम्बन्ध में प्रत्येक माह मासिक समीक्षा गोष्ठी में अनिवार्य रूप से की गयी कार्यवाही के सम्बन्ध में चर्चा की जाय। शादी विवाह में हवाई फायरिंग एवं शौकिया फायरिंग की सम्भावना के सम्बन्ध में पूर्व जानकारी होने पर वहां समुचित पुलिस प्रबन्ध कर व्यवस्था की जाय। शादी-विवाह में अस्त्र-शस्त्र के गलत प्रयोग की सूचना मिलने पर शस्त्र अधिनियम की धारा 30 के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कर धारा-17 के अन्तर्गत शस्त्र निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाय।

शस्त्रों से हवाई फायरिंग शस्त्र अधिनियम का उल्लघंन और अपराधिक कृत्य है। इस बात का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये, ताकि ऐसी गतिविधियों को स्वतः रोकने में सहायता मिल सके। हर्ष फायरिंग की घटना में यदि किसी की मृत्यु हो जाती है तो धारा 304 भादवि का अभियोग भी पंजीकृत किया जाय। हर्ष फायरिंग की घटना में मृत्यु होने या चोट लगने के मामले में बिना तहरीर की प्रतीक्षा किये एफआईआर पंजीकृत की जाय।

यदि विवाह स्थल, विवाह घर, होटल, अतिथि गृह द्वारा शासनादेशों व परिपत्रों एवं मा. न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों का उल्लघंन किया जाता है तो इन सभी के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही अधिकृत प्राधिकारी द्वारा कराई जाय। वहीं हर्ष फायरिंग की घटना होने पर सम्बन्धित एसएचओ व एसओ एवं बीट पुलिस कर्मियों की जांच कर उनका उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुये दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

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