नगर परिषद् ने दे दिया रेहड़ी वालों को लूटने का ठेका

City council dholpur
File Photo: City Council Dholpur
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Omprakash Varma
ओमप्रकाश वर्मा

धौलपुर। नगर परिषद् ने 5 संवेदकों को रेहड़ी वालों को लूटने का ठेका दे दिया है। ठेका जीप, ट्रैक्टर, कार, मोटर साईकिल व साईकिल की पार्किंग के लिए 31 मार्च, 2०18 तक के लिए दिया गया है। मगर संवेदक दबंगई कर ठेल-ढकेल लगाकर गुसर-बसर करने वाले गरीब तबके के लोगों से 5 रुपए के स्थान पर 6० रुपए वसूल कर 2० रुपए की रसीद दे रहे हैं।

इस बात की शिकायत कई ठेल-ढकेल वालों ने शुक्रवार को सभापति कमल कंषाना व आयुक्त शशिकांत शर्मा से की है। दोनों ने संवेदकों को चेतावनी भी दी थी कि अब कोई शिकायत मिली तो ठेका रद्द कर दिया जाएगा, इसके बावजूद लूट-खसोट जारी है।

मिली जानकारी के अनुसार परिषद् की आय में इजाफा करने गरज से 6 स्थानों पर जीप, ट्रैक्टर, कार, मोटर साईकिल व साईकिल पार्क करने का ठेका खुली बोली लगाकर अलग-अलग संवेदकों को अलग-अलग राशि पर दिया गया था। इसमें नगर परिषद् के सामने स्थित गौरव पथ के दोनों ओर की पार्किंग का ठेका 15 हजार, पुराना बस स्टैंड पर 12 हजार 4००, जनाना हॉस्पीटल के पास 8 हजार 2००, नेशनल हाईवे संख्या 3 पर बने पुल के पिलर नम्बर 1 से 7 तक 2० हजार, ओंडेला रोड के सामने स्थित पिलर संख्या 1 से 9 तक 11 हजार 7०० व आर.ए.सी. के सामने 8 हजार 2०० रुपए में दिया गया था।

ठेका दिलीप सिंह, सानू पुत्र योगेश, दिनेश गुर्जर व निसार कुरेशी को इस शर्त पर दिया था कि वे केवल जीप, ट्रैक्टर, कार चालकों से 2०, मोटर साईकिल चालकों से 1० व साईकिल चालकों से 5 रुपए से अधिक की राशि नहीं वसूलेंगे। निर्धारित दर से अधिक राशि वसूल करने व ठेल-ढकेल चालकों से उगाही करने की शिकायत मिलने पर ठेका रद्द कर दिया जाएगा।

हाईवे स्थित पुल के नीचे ठेल-ढकेल लगाकर गुजर-बसर कर रहे गरीब तबके के लोगों ने बताया कि परिषद् ने जिन लोगों को पार्किंग का ठेका दिया है, वे दबंगई से 5 रुपए के स्थान पर 6० रुपए वसूल कर रहे हैं और रसीद 2० रुपए की दे रहे हैं। वहीं वे जिस दिन ठेल नहीं लगाते हैं, उस दिन का भी किराया वसूल कर रहे हैं, साथ ही वे खुली धमकी भी दे रहे हैं कि शहर के किसी भी कौने में ठेल-ढकेल लगाओगे, 6० रुपए प्रति दिन के हिसाब से देने पड़ेंगे।

वहीं दूसरी ओर नगर परिषद् के स्थाई कर्मचारी भी तहबाजारी के तहत नगर परिषद् क्षेत्र में ठेल-ढकेल लगाने वालों से 5 रुपए वसूल रहे हैं। ठेल-ढकेल चालकों ने बताया कि ठेकेदारों द्बारा काटी रसीद दिखाने पर परिषद् के स्थाई कर्मचारी रसीद नहीं काटते हैं।

उन्होंने बताया कि शहर में एक हजार से ठेल-ढकेल हैं, जिनसे प्रति दिन 6० हजार और जीप, ट्रैक्टर, कार, मोटर साईकिल व साईकिल चालकों से 3० हजार रुपए से अधिक की वसूली की जा रही है, जबकि ठेका मात्र 66 जार 9०० रुपए में ही दिया गया है।

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