न्यू इंडिया कॉन्क्लेव में भाग ले रहे ‘स्मार्ट विलेज धनौरा’ को मिल रहा अप्रत्याशित जनसमर्थन

Smart village
File Photo: स्मार्ट विलेज धनौरा
Share this news...

इस विशाल व राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी होंगे…

Omprakash Varma
ओमप्रकाश वर्मा की रिपोर्ट…
धौलपुर। अपने गांव को स्मार्ट विलेज के रूप में पहचान दिलाने वाले डॉ. सत्यपाल सिंह मीना, संयुक्त आयुक्त, आयकर इंदौर व स्मार्ट विलेज धनौरा के ग्रामीणों के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने जा रही है। यूथ फॉर डेवलपमेंट फाउंडेशन ग्रामीण भारत और ग्रामीण युवा पर केंद्रित एक विशाल आउटरीच प्रोग्राम ‘न्यू इंडिया कॉन्क्लेव’ आयोजित कर रहा है।

जिसके तहत फाउंडेशन द्वारा 1 मई से 15 जून तक विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन रखा गया है। फाउंडेशन द्वारा अब इन प्रतिस्पर्धाओं की अंतिम तिथि 21 जून तक बढ़ा दी गई है। न्यू इंडिया कॉन्क्लेव का मुख्य कार्यक्रम नई दिल्ली में 16 जुलाई 2018 को होगा। इस विशाल व राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी होंगे।

इनके अतिरिक्त सम्माननीय अतिथि मुख्यमंत्री महाराष्ट्र श्री देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री पंजाब श्री अमरेंद्र सिंह, मुख्यमंत्री तमिलनाडु श्री के पलानीस्वामी, मुख्यमंत्री नागालैंड श्री नेफियू रियो, मुख्यमंत्री मेघालय श्री कॉनराड संगमा, कार्यक्रम के ब्रांड एंबेसडर अभिनेता अक्षय कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता श्री प्रकाश आमटे तथा देश के कई गणमान्य सामाजिक कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं।

कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण विकास व इससे जुड़े कई अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रतिभागियों अथवा संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा। जिले का “स्मार्ट विलेज धनौरा” भी न्यू इंडिया कॉनक्लेव में ‘आदर्श ग्राम सम्मान’ की कैटेगरी में भाग ले रहा है । स्मार्ट विलेज धनौरा ने देश को विकास का संस्थागत मॉडल दिया है। आदर्श ग्राम सम्मान कैटेगरी में भाग ले रहे देशभर के विभिन्न गांवों के समर्थन के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही माध्यमों से वोटिंग प्रक्रिया जारी है। जिले भर के गांव-गांव में लोगों में स्मार्ट विलेज धनौरा को वोट करने की होड़ सी लगी हुई है।

सत्यपाल जी द्वारा धनौरा में किए गए कार्यों व प्रयासों को खास तौर पर जिले के बाड़ी कस्बे में भारी जनसमर्थन मिल रहा है। जैसे-जैसे लोगों को स्मार्ट विलेज धनौरा का ‘न्यू इंडिया कॉन्क्लेव’ में भाग लेने के बारे में पता चल रहा है, लोग धनौरा के समर्थन में खुलकर वोट कर रहे हैं। लोगों में चर्चा है कि उनके जिले का गांव राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में कामयाब होगा और इससे जिले के अन्य गांवों और कस्बों में विकास प्रक्रिया में तेजी आएगी।

इस अवसर पर लोगों में धनौरा में हुए विकास कार्यों, धनौरा को इस मुकाम पर पहुंचाने वाले डॉक्टर सत्यपाल जी और महाराष्ट्र के जाने-माने NGO इको नीड्स फाउंडेशन के कार्यों की चर्चा एक बार फिर से चल पड़ी है। कई लोगों में उत्सुकता है, धनौरा में हुए विकास कार्यों को जानने की, धनौरा के स्मार्ट विलेज बनने तक के सफर को जानने की।

इस संबंध में डॉक्टर सत्यपाल सिंह मीना, संयुक्त आयुक्त, आयकर इंदौर से फोन पर बातचीत की और स्मार्ट विलेज में हुए अब तक के कार्यों के विषय में उनसे जाना। डॉक्टर साहब ने अपने गांव में हुए अब तक के कार्यों के बताते हुए कहा कि आज उनके गांव में 822 टॉयलेट्स निर्माण के साथ, हर घर में टॉयलेट बने हैं जिन्हें इंस्पेक्शन चेंबर और मेन होल्स के जरिए लगभग 2 किलोमीटर लंबी और 450 मिलीमीटर व्यास की सीवरेज लाइन से जोड़ा गया है। गांव से बाहर एक तरफ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया गया है ताकि इस पानी को सिंचाई के लिए काम में लिया जा सके।

जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परकोलेशन टैंक सिस्टम विकसित किया गया है। मानव निर्मित 3 किलोमीटर नहर बनाई गई है, जिसे 8 परकोलेशन टैंक के माध्यम से जोड़ा गया है। एक अनुमान के अनुसार इस व्यवस्था से गांव की भूमि में प्रतिवर्ष 97.49 मिलियन लीटर पानी रिचार्ज होता है। गांव के मुख्य रास्ते के साथ-साथ इसे जोड़ने वाले विभिन्न आंतरिक रास्तों अथवा गलियों से अतिक्रमण हटा कर उन्हें 8-10 फीट चौड़ाई की जगह अब 20-25 फीट चौड़ा कर दिया गया है और इनमें लगभग 2.3 किलोमीटर लंबी, उच्च कोटि की सीमेंटेड सड़कें बनाई गई हैं।

अभी हाल ही में, ग्राम वासियों ने मिलकर स्थानीय देवता भूमिया बाबा की जगह बदलकर, नया मंदिर बना कर प्राण प्रतिष्ठा करवाई है। गांव में लगभग 300 लोगों के बैठने की क्षमता वाला कम्युनिटी सेंटर भी बनकर तैयार हो गया है। गांव में प्रवेश करने के साथ ही प्रशासन और जन सहयोग से निर्मित 20-25 फीट चौड़ा गौरव पथ व उसके सहारे लगे खूबसूरत पौधे हर आने वाले का मन मोह लेते हैं। गांव की गलियों में रोशनी के लिए जगह-जगह पर सोलर लाइट लगाई गई हैं। गांव के स्कूल में बच्चियों के लिए आधुनिक शौचालय का निर्माण किया गया है। गांव के बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा देने की व्यवस्था भी की गई है। गांव व आसपास के होनहार बच्चों को गांव में ही स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए “उत्थान कोचिंग संस्थान” की शुरुआत हो चुकी है। गांव की गलियों में, घरों की बाहरी दीवारों पर बने भित्ति चित्र, स्लोगन और प्रेरक पंक्तियां गांव की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ गांव के बच्चों और युवाओं में प्रेरणा व सकारात्मक माहौल को जन्म देती हैं।

गांव की गलियों को सुंदर व स्वच्छ बनाए रखने के लिए गांव वासियों ने स्वयं आगे आकर ऐसी व्यवस्थाओं को जन्म दिया है कि हर घर के सदस्य का यह नैतिक दायित्व होगा कि वह अपने घर के सामने और आसपास स्वच्छता पर ध्यान देगा, कोई भी ग्रामीण चारपाई अथवा अन्य सामान सड़क पर रखकर राहगीरों के आवागमन में बाधा नहीं बनेगा, गांव की सड़कों पर चलते समय अपने पशु, वाहन अथवा अन्य किसी कारण से यदि कचरा अथवा गंदगी फैलती है तो उसे हटाने की जिम्मेदारी भी उक्त व्यक्ति की रखी गई है। नियमों की पालना नहीं करने पर फाइन अथवा दंड की व्यवस्था भी रखी गई है।

गांव में किसी व्यक्ति की मृत्यु पर मृत्यु भोज के बजाय कोई भी रचनात्मक कार्य करने की व्यवस्था भी शुरू की गई है। श्मशान भूमि में वृक्षारोपण कर धनौरा ने इसकी शुरुआत भी कर दी है। गांव की सभी व्यवस्थाओं के सुचारु रुप से संचालन के लिए गांव की 3D मैपिंग भी की जा चुकी है। अभी भी कुछ कार्य ऐसे हैं जिन पर काम किया जा रहा है- जैसे लाइब्रेरी हॉल, मेडिटेशन सेंटर, इनफार्मेशन सेंटर, ग्रामीण कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र, वाई-फाई फैसिलिटी, CCTV सर्विलांस, वर्चुअल क्लास रूम, e-learning, e-library और गांव में डेयरी प्लांट जैसी कई योजनाएं मूर्त रूप लेना बाकी हैं।

गांव में आयुर्वेद औषधालय की स्वीकृति भी प्रशासन से मिल चुकी है। वर्तमान में, गांव में कोई पुलिस केस दर्ज न होने के कारण, जिला प्रशासन द्वारा उनके गांव को “क्राइम फ्री विलेज” घोषित किया गया है। गांव में पूर्ण शराबबंदी व नशाखोरी के चलते गांव को ‘अल्कोहल फ्री गांव’ भी घोषित किया गया है। हर घर में टॉयलेट बनने से जिला प्रशासन द्वारा धनौरा को पहली ODF (Open Defecation Free) पंचायत घोषित किया गया है।

राजस्थान सरकार ने भी स्मार्ट विलेज मॉडल को अपनाकर, स्मार्ट विलेज योजना राज्य में शुरू की है। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा धनौरा ग्राम पंचायत को राज्य स्तरीय पंचायत अवार्ड से भी सम्मानित किया है। आज धनौरा गांव में ग्राम विकास समिति के गठन के साथ-साथ गांव का हर बच्चा, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग अपने गांव की तरक्की के लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए लालायित हैं। गांव के हर सरकारी कर्मचारी और भामाशाहों ने स्वप्रेरणा से ग्राम विकास समिति में अपना योगदान दिया है ताकि उनका गांव विकास के पथ पर पीछे ना रह सके, उनके गांव के बच्चों के सपने साकार हो सकें।

धनौरा गांव के स्मार्ट विलेज बनने का सफर अभी जारी है। इस गांव में हुए बदलावों और इस गांव के लोगों की सोच ने “सोच बदलो गांव बदलो अभियान” को भी जन्म दिया है। साथ ही उन्होंने कहा, कि मेरे सपनों का गांव बनने तक का सफर उनका अकेले का नहीं है, इसमें मेरे गांव के लोगों की निजी हितों सेे ऊपर उठकर गांव के लिए त्याग व सहयोग की भावना छिपी है।

खास तौर पर गांव के युवाओं ने, धनौरा को स्मार्ट विलेज के रूप में पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। 16 जुलाई 2018 को नई दिल्ली में होने जा रहे न्यू इंडिया कॉन्क्लेव में यदि स्मार्ट विलेज धनौरा को कोई सम्मान हासिल होता है तो यह केवल उनकी या धनौरा की जीत नहीं होगी बल्कि जिले भर के लोगों की जीत होगी, लोगों के धनौरा के प्रति विश्वास की जीत होगी, लोगों की विकासोन्मुख व सकारात्मक सोच व बदलाव की जीत होगी। यदि वाकई ऐसा होता है, तो उनके सपनों के साथ जिलेभर को राष्ट्रीय स्तर पर एक मुकाम हासिल हो सकेगा ।

Share this news...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फॉलो करें।