राजनीति में परिवर्तन के लिए आध्यात्मीकरण जरूरी: अखिलेश तिवाड़ी

Akhilesh tiwari
File Photo: अखिलेश तिवाड़ी
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Omprakash Varma
ओमप्रकाश वर्मा

धौलपुर। दीनदयाल युवा वाहिनी के संयोजक एवं सांगानेर विधायक घनश्याम तिवाड़ी के पुत्र अखिलेश तिवाड़ी ने कहा है कि राजनीति में परिवर्तन के लिए आध्यात्मिकीकरण जरूरी है। इसके बिना द्बेष और परस्पर वैमनस्यता की राजनीति को रोक पाना संभव नहीं है। यह बात तिवाड़ी ने सोमवार को एक गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।

तिवाड़ी ने राजनीतिक दलों पर आरोप लगाए बिना कहा कि दोहरी राजनीति का खामियाजा आमजन को भोगना पड़ रहा है। उन्होंने एफडीआई का उदाहरण देते हुए कहा कि जो लोग सत्ता से बाहर थे, तब एफडीआई का विरोध करते थे और आज वे ही लोग सत्ता में आने के बाद उसे लागू कर रहे हैं, यदि एफडीआई से जनता को लाभ था तो पहले विरोध क्यों किया ?

उन्होंने कहा कि इस तरह की दोहरी राजनीति के चलते राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों के साथ-साथ स्थानीय मुद्दे भी गौण हो जाते हैं। वहीं देश और समाज का अपेक्षित विकास भी नहीं हो पाता है। दोहरी राजनीति से द्बेष और परस्पर वैमनस्यता बढ़ती है और इसके लिए आध्यामिकीकरण जरूरी है। 

संयोजक ने कहा कि परस्पर वैमनस्यता और द्बेष की राजनीति का अंत करने के लिए दीनदयाल युवा वाहिनी कृत संकल्पित है। इसके लिए उसने राज्य के 2०० विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकारिणी का गठन करने व प्रत्येक पोलिंग बूथ के लिए 5 से 1० कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी करने का निर्णय लिया है। यह मार्च के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।

उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में दीनदयाल वाहिनी के कार्यकर्ताओं को उतारने के प्रश्न के जवाब में कहा कि इस बारे में अभी से कुछ कहना जल्दबाजी होगा।

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