कम उम्र में बेहतरीन समाज मे नेतृत्व करने के उपलक्ष्य पर कई अवार्ड से सम्मानित हो चुके है डॉ रणधीर वर्मा

Dr. Randhir Verma
Janmanchnews.com
Share this news...
rajesh kumar mehta
राजेश कुमार मेहता

कोडरमा। डॉ. रणधीर वर्मा झारखंड के सबसे कम उम्र के झारखंड नागरिक सम्मान और मानद डॉक्टरेट से सम्मानित बेहद मेहनती, दृढ़ निश्चय एवं प्रतिभावान व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति हैं। महज 25 साल का युवा मस्तिक सामाजिक कार्यकर्ता, मानवाधिकार कार्यकर्ता व जर्नलिस्ट हैं।

वे सामान्य आर्थिक परिवार से होने के बावजूद अपने जनहित और लोक कल्याणकारी कार्यो से जुड़े एक सृजनशील युवा व्यक्तिव है। उन्होंने गिरिडीह जिला के जमुआ प्रखंड के एक छोटे से गांव नईटांड से पढ़ाई प्रारंभ की और अपने प्रतिभा के बल पर उन्होंने भारत के श्रेष्ठ केंद्रीय विश्वविद्यालयो में से एक झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय रांची से अंग्रेजी साहित्य में प्रथम श्रेणी से परास्नातक किया है साथ ही मीडिया एवं अंतरष्ट्रीय संबंध कोर्स किया है।

बचपन से ही गरीबी, अन्याय, बेरोजगारी, असमानता और अशिक्षा को देखकर उनका दिल दुखता था। यही कारण है कि वे हमेशा इन मानवीय समस्याओं के समाधान हेतु निरंतर विचारमंथन करते थे।

वे जब रांची अध्ययन हेतु गए तो आदिवासी व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों में अशिक्षा के कमी को देखा उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने बड़े अथक परिश्रम से वहां के गरीब बच्चो को स्वयं और अपने साथियों के मदद से अपने विश्वविद्यालय के बाद के बचे समय मे आदिवासी व गरीब बच्चो के निशुल्क पढ़ाने का कार्य करने लगे।

इस कार्य के विस्तार हेतु उन्होंने एक एन जी यो नमन फाउंडेशन की स्थापना की। जिससे न केवल आदिवासी और अन्य वंचित समूहों के गरीब बच्चो के शिक्षा देनी प्रारंभ की बल्कि गरीब आदिवासी महिलाओं और लड़कियों को कौशल रोजगार शिक्षा प्रशिक्षण का कार्य रांची के मांडर, बेड़ो,चाह्नों व अन्य जगहों में किया।

आज इस कार्य का विस्तार बिहार झारखंड समेत। देश के कई इलाकों में हो चुका है। नमन फाउंडेशन द्वारा आजतक हज़ारों वंचित व गरीब के जीवन को बदला जा चुका है। साथ ही यह NGO  भारत के सुदूरतम ग्रामीण इलाकों में एक उम्मीद की रोशनी है। उनके इस शिक्षा के साथ साथ सामाजिक कार्यो में महान उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें सबसे कम उम्र में झारखंड के श्रेष्ठ सम्मान झारखंड नागरिक सम्मान 2016  से सम्मानित किया गया।

अशोका विश्वविद्यालय दिल्ली के द्वारा संचालित देश के बेहतरीनफेलोशिप “यंग इंडिया फेलोशिप 2016-17”  में चयन हो कर सम्मानित हुआ नमन फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा व स्किल डेवेलपमेंट के कार्यो  में उत्कृष्ट कार्यों हेतु  राष्ट्रीय शिक्षा सम्मान 2017 बंगलोर में सम्मानित किया गया। कम उम्र में बेहतरीन समाज मे नेतृत्व करने के उपलक्ष्य पर दिल्ली में नेशनल लीडर्स अवार्ड 2017 से सम्मानित किए गए। उनके नवीन और लोक महत्व की कार्यो की उपलब्धियों के कारण पार्श्व युवा श्री सम्मानित किया गया।

उन्होंने ग्रामीण स्तर पर प्रतिभा खोज हेतु नमन ओलिंपियाड का आयोजन दो सालों तक किया एवं ग्रामीण स्तर की प्रतिभा को एक नई जोश व जुनून दिया। झारखंड के आदिवासी जगह मांडर से लेकर रांची, धनबाद, लोहरदगा,  गिरिडीह के जमुआ, बिरनी, राजधनवार व अन्य जगहों में प्रतिभा खोज करवा कर चयनित कर राज्यस्तर पर सम्मानित भी किया।

उन्होंने युवाओं के जोश और देशभक्ति बढ़ाने झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय का छात्र पत्रिका नमन का संपादन किया जिसका विमोचन केंद्रीय विश्वविद्यालय में 16 मई 2016 को कई गणमान्य हस्तियों के उपस्थिति में हुआ। शिक्षा के प्रचार को लेकर शिक्षा वार्ता नामक सप्ताहिक अखबार का संपादन झारखंड में किया।

वे देश के अत्यंत पिछड़े इलाके व उग्रवाद प्रभावित जिलों में सुमार किये जाने वाला उच्च शिक्षा में बेहद निचले पायदान पर खड़ा गिरिडीह जिला में उच्च शिक्षा हेतु विश्वविद्यालय निर्माण के जरिए विकास की धारा में पीछे रह गए इस क्षेत्र में आमूल बदलाव के लिए पार्श्व विश्वविद्यालय ट्रस्ट की स्थापना कर विश्वविद्यालय निर्माण के महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

ये मानवधिकार एक परिचय किताब का लेखन व संपादन किये जिसका विमोचन 19 मार्च 2018 को दिल्ली के जवाहलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कॉन्वोकेशन हॉल में NCRB के पूर्व DG डॉ मीरण, प्रशिद्ध विचारक व राज्य सभा सांसद राकेश सिन्हा के उपस्थिति में हुआ। यह किताब समाज के निचले पायदान में शोषित व्यक्ति के लिए रामबाण है।

ये मानवधिकार संगठन एन एच आर सी सी बी के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं जो संगठन मानवाधिकार के लिए कार्यरत है। इस मानवधिकार संगठन निर्माण के अल्पकाल में रणधीर के नेतृत्व में हज़ारों सदस्य बने एवं इनके नेतृत्व में हज़ारों वंचित लोगो को न्याय व उनका अधिकार दिलाया।

डॉ रणधीर कुमार का लेख, रचना, कविता, संपादकीय बहुत कम ही उम्र में कई अखबारों, मैगज़ीन में छप चुकी है व छपती रहती है।
प्रगतिशील,परिवर्तनशील विचारों से प्रेरित बाद विवाद, भाषण कला के प्रवीण  जाने जाते हैं।

इस युवा के महान सोच व कार्यों व जनकल्याण अपना सर्वक्ष न्यौछावर कर लोगों के अथक सेवा व आदिवासी विकास हेतु बहुत ही कम उम्र में ने व यूनिवर्सिटी से बहुत कम उम्र में  डॉक्टरेट मानद उपाधि से सम्मानित किया।

इतनी कम उम्र में इतनी सारी उपलब्धि को देखते हए यह कहा जा सकता है कि वे भारत मे बदलाव लाने वाले संघर्षरत युवा है। ऐसे युवाओं के कंधो पर भारत का भविष्य निर्भर करता है। वे  गौतम बुध्द, नानक, अटल बिहारी, कलाम, अंबेडकर जैसे महान विभूतियों व परिवर्तनकर्ताओं को आदर्श मानने वाले डॉ रणधीर का संदेश है कि युवाओं के हाथो देश का भविष्य है। अतः युवाओं को आगे आ कर भारत की जमीनी समस्याओं का समाधान चाहिए ताकि नए भारत का सपना पूरा हो सके।

इन्ही मूलभूत सुविधाओं से वंचित लोगों के प्रति सरकार तक हम सबों की आवाज पहुंचाने के लिए इस बार उन्हें कोडरमा लोकसभा क्षेत्र से बतौर सांसद सदस्य के लिए आगे लाया गया हैं। अतः आप सबों का प्यार रहा तो गरीबों का हक अधिकार संसद भवन तक गूंजेगा।

Share this news...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फॉलो करें।