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एमपी के शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों को सिंधिया का गुलाम बताया

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Sarvesh Tyagi

सर्वेश त्यागी

शिवपुरी। शिवपुरी जिले की कोलारस विधानसभा में आ रहे उपचुनाव का घमासान तेज हो गया है। हालात यह हैं कि सरकारी आयोजनों में भी राजनैतिक भाषण दिए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग ने कोलारस में शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया। यह एक सरकारी आयोजन था। मुख्य अतिथि की आसंदी से राज्यमंत्री शिक्षा विभाग दीपक जोशी ने अध्यापकों को सिंधिया का गुलाम बताते हुए उन्हे गुलामी छोड़ने की अपील की।

सम्मेलन रविवार को कोलारस के सौरभ गार्डन में आयोजित किया गया था। शिक्षा विभाग ने विधिवत आदेश जारी करके कोलारस एवं बदरवास के सरकारी शिक्षकों को इस कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल होने के लिए कहा गया था परंतु आयोजन पूरी तरह से राजनैतिक रहा। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के राज्यमंत्री के अलावा भाजपा की ओर से कोलारस विधानसभा के प्रभारी बनाए गए उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा भी उपस्थित थे। 

शिक्षक सम्मेलन में शिक्षा मंत्री ने मौजूद शिक्षकों से कहा कि यह तात्या टोपे की बलिदान स्थली व झांसी की रानी की वीरता बयां करने वाली धरती है। जिन लोगों ने इन वीरों को धोखा दिया उनकी अब गुलामी की परंपरा छोड़नी होगी। उन्होंने अप्रत्यक्ष तौर पर सिंधिया वंश पर निशाना साधते हुए शिक्षकों से कहा कि आप शिक्षक हैं, अब गुलामी छोड़ दो। मंत्री ने ये भी कहा कि सरकार आपकी चिंता करती है, आप सरकार का ख्याल रखो।

ये गणमान्य थे मौजूद…

सरकारी खर्च पर आयोजित किए गए शिक्षक सम्मेलन में मंच पर मंत्री दीपक जोशी, विधायक रामेश्वर शर्मा, डीईओ परमजीतसिंह गिल, डीपीसी शिरोमणि दुबे व भाजपा युवा मोर्चा के गिर्राज शर्मा, विपिन खेमरिया मंचासीन थे। यह पूरी तरह से सरकारी खर्चे पर आयोजित राजनैतिक कार्यक्रम बन गया था। खुलकर चुनावी बयानबाजियां की गईं।

अध्यापकों ने दिया ज्ञापन, मंत्रीजी खिसक लिए…

सम्मेलन के दौरान अध्यापक नेता स्नेह रघुवंशी, केपी जैन, गोविंद अवस्थी आदि ने शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा और अध्यापकों की शिक्षा विभाग में संविलियन की मांग रखी, जिस पर मंत्री ने सिर्फ इतना कहा कि सरकार सकारात्मक है। जल्द ही उनकी मांग का निराकरण होगा। अध्यापक नेता केपी जैन ने जब सीएम द्वारा तीन बार प्रस्तावित अध्यापक सम्मेलन के निरस्त होने को लेकर सवाल पूछा तो मंत्री टालमटोल जवाब देकर चलते बने।