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बिजली की आँख मिचौली से उपभोक्ता परेशान, थमा दिया जाता है मनमाना बिल

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रघुनंदन मेहता की रिपोर्ट,

गिरिडीह। बिजली की आँख मिचौनी से त्रस्त बिरनी प्रखंड के खेदवारा पंचायत के धर्मपूर, टोको, चिरूबेडा, सिजूटौला गांव के ग्रामीण आंदोलन करने की रूप रेखा तैयार करने में जूट गएे हैं।

विधूत विभाग बमुश्किल चौबीस घंटे में दो से तीन घंटे वह भी महिने में दस दिन बिजली देकर शांत मार देता है। और जब बिल की बारी आती है तो उपभोक्ताऔं को मनमाना बील भेज देता है।

गाँव के अशोक राम, संतोष महतो, सेवा माँझी, शिवलाल मुर्मू बाथोडा माँझी समेत दर्जनाधिक ग्रामीणों ने विधूत विभाग के प्रति आक्रोश प्रकट करते हुए बताया की विभाग द्वारा तीन नंबर फीडर के साथ हमेशा शौतेला व्यवहार करता है उपरांत से बगैर विधूत आपूर्ति को हमलोगों के हांथो में मोटा बिजली बील थमा देता है। और जब विधूत आपूर्ति में सुधार की शिकायत की जाती है तो उसके प्रति कोई सुधार नहीं करता है।

उपर से 22 जनवरी 2018 को विभाग द्वारा 15608.00 रूपये का बील दिया गया तो इस माह 16हजार 26 रूपये का बील थमा दिया गया।जबकि इन दो महिने में लगभग पंद्रह से सतरह दिन हीं बिजली दिया गया वह भी दो से तीन घंटे मात्र। जबकी यहीं बगल में महज दो सौ मीटर की दुरी पर सदर प्रखंड का बिजली है जो चौबीस घंटे में कम से कम सौलह से अठारह घंटे बिजली रहती है और बील यहाँ की अपेक्षा कम आती है।

इसलिए बिजली में सुधार के लिए अब हम ग्रामीणों के बीच आंदोलन हीं एक रास्ता है। जब तक बिजली में सुधार नहीं होगा हमलोग बिल नहीं दे सकते हैं। इधर इस संबध में विधूत विभाग के कनिंय अभियंता का पक्ष जाने के लिए उनके मोबाईल पर काफी सम्पर्क किया गया लेकिन मोबाईल स्विच ऑफ रहने के कारण पक्ष नहीं लिया जा सका।